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ओएमसी पावर–होंडा साझेदारी: भारत का पहला ईवी रीपर्पज्ड बैटरी-आधारित यूपीएस समाधान शुरू

हरदोई परियोजना से वितरित ऊर्जा क्षेत्र में होंडा की एंट्री, 1 GWp स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को मिलेगा बल

लखनऊ, 11 फरवरी 2026।
ओएमसी पावर ने होंडा के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत का पहला ईवी रीपर्पज्ड बैटरी-आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी यूपीएस समाधान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश के हरदोई में शुरू हुई यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

कंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रिक दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों में पहले उपयोग हो चुकी बैटरियों को स्टेशनरी स्टोरेज के लिए दोबारा इस्तेमाल किया गया है। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और उन्नत बैटरी भंडारण को मिलाकर यह सिस्टम 24 घंटे निर्बाध और कम-उत्सर्जन वाली बिजली उपलब्ध कराता है। इससे डीज़ल जनरेटर पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

यह समाधान विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है, जहां नियमित और भरोसेमंद ग्रिड बिजली उपलब्ध नहीं है। टेलीकॉम टावर, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल-कॉलेज, एमएसएमई और स्थानीय व्यवसायों के लिए यह एक व्यावसायिक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रस्तुत करता है।

ओएमसी पावर के को-फाउंडर एवं सीईओ रोहित चंद्रा ने कहा कि हरदोई परियोजना पायलट चरण से व्यावसायिक विस्तार की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि ईवी बैटरियों के पुनः उपयोग के जरिए तैयार यह मॉडल टेलीकॉम, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य संस्थानों में तेजी से लागू किया जा सकता है। यह पहल कंपनी के 1 GWp विकेंद्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।

हरदोई में इस स्थापना के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पुरानी ईवी बैटरियों पर आधारित स्टोरेज-आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड यूपीएस समाधान का व्यावसायिक कार्यान्वयन हुआ है। यह परियोजना अक्टूबर 2025 में घोषित होंडा–ओएमसी रणनीतिक साझेदारी का पहला परिचालन मील का पत्थर है। भारत में डिस्ट्रीब्यूटेड पावर और यूपीएस समाधान क्षेत्र में यह होंडा का पहला वैश्विक निवेश भी है।

कंपनी का कहना है कि इस पहल से ऊर्जा-एज़-अ-सर्विस (EaaS) और स्टोरेज-आधारित समाधानों के विस्तार की नींव मजबूत होगी। यह स्वच्छ ऊर्जा और ईवी इकोसिस्टम के संगम पर विकास के नए अवसर तैयार कर रही है तथा मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नेट जीरो 2070 लक्ष्यों को समर्थन देती है।

ओएमसी पावर के बारे में
ओएमसी पावर को जापान की मित्सुई एंड कंपनी, चुबू इलेक्ट्रिक पावर और होंडा का समर्थन प्राप्त है। कंपनी उत्तर एवं मध्य भारत में 500 से अधिक सक्रिय स्मार्ट मिनी-ग्रिड्स के माध्यम से टेलीकॉम टावरों को बिजली आपूर्ति, संस्थानों में सौर ऊर्जा स्थापना और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दे रही है।

उत्तर प्रदेश में कंपनी 130 से अधिक अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के साथ RESCO मॉडल के तहत सौर परियोजना संचालित कर रही है, जिससे सालाना 1,25,000 मीट्रिक टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी की उम्मीद है।

मीडिया संपर्क:
अरिंदम सेनगुप्ता
arindam.sengupta@omcpower.com

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