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Corona update: कोरोना संक्रमण से बचने का सबसे बड़ा उपाय बचाव ही है

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने का सबसे बड़ा उपाय बचाव ही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण बढ़ने से प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में कोरोना संक्रमण के केस की बढ़ोत्तरी हुयी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है तथा अस्पतालोें में सभी समुचित सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में पिछले कोरोना कालखण्ड से ही प्रदेश सरकार प्रदेश के सभी अस्पतालों में समुचित सुविधाएं सृजित करने में लगी हुई थी। 1.50 लाख से अधिक बेड हमारे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। सुविधाओं की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने संक्रमण को रोकने के लिए सभी कदमों में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं, परन्तु सावधानी रखना सबसे अधिक आवश्यक है। इस समय त्योहारों का मौसम है और शादियां शुरू हो गई हैं, इसलिए सामाजिक दूरी रखिए तथा मास्क का प्रयोग अवश्य करें। कुछ जनपदों में संक्रमण के मामले बढ़े हैं तथा हाॅट स्पाॅट में थोड़ी से बढ़ोत्तरी हुई है।

श्री सहगल ने बताया कि आर्थिक गतिविधियां और अधिक तेजी से बढ़ें, इसके लिए प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तथा आर्थिक गतिविधियां को और बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन से नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयां खुल रही है। सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की 8,18,279 इकाइयॉ क्रियाशील हैं, जिनमें  51.78 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। पुरानी इकाइयों को कार्यशैली पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाईयों को रू0 10,854 करोड़ के ऋण बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीेकृत कर वितरित किये जा रहे हैं। रोजगार के और अधिक अवसर पैदा हों विशेषकर छोटे और लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित कर लोगों को नौकरी उपलब्ध करायी जायेगा। बैंकों से समन्वय स्थापित कर 6.40 लाख नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयांें को वर्तमान वित्तीय वर्ष में लाॅक डाउन के पश्चात 18,900 करोड़ रूपये का ऋण दिया गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक बड़ा ऋण मेला भी आयोजित किया जायेगा। यह सरकार बहुत तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 59 हजार हमारी ग्राम पंचायतों में महिला स्वयं सहायता समूहों को पोषाहार बांटने, राशन बांटने का कार्य किया जा रहा है तथा लगभग 59 हजार ग्राम पंचायतों में ही महिला बैंक सखी (बैंक क्रासपान्डेन्ट) तैनात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत दिनों मुख्यमंत्री जी ने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, बाकी बचे लगभग 38 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र शीघ्र जारी कर दियेे जाएंगे। इसी प्रकार प्रत्येक विभाग व संस्था में रिक्तियां भरने का प्रदेश सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है।

श्री सहगल ने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री जी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे स्वयं तथा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ धान क्रय केन्द्र की समीक्षा करें। अब तक 151.69 लाख कु0 धान की खरीद की जा चुकी है। जो पिछले वर्ष से दोगुना से भी अधिक है। अब तक किसानों से 1,37,969.60 कु0 मक्का की खरीद की जा चुकी है। जो गत वर्षों से काफी अधिक है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मंूगफली के क्रय का भी कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार पराली प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है तथा किसानों को विशेष उपकरणों पर अनुदान दे रही है कि वो पराली प्रबंधन को बेहतर कर सकें। पिछले कई सालों की तुलना में इस वर्ष पराली जलाने की घटना में काफी कमी आई है। इससे साफ स्पष्ट है कि किसान अब जागरूक हो रहे हैं। सरकार द्वारा बताये गये उपायों को किसान अपना रहे हैं। इसी वजह से पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आ रही है।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,73,492 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 1,78,10,564 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना सेे संक्रमित 2326 नये मामले आये हैं। प्रदेश में 23,471 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। होम आइसोलेशन में 10,934 लोग हैं। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालयों में 2228 लोग ईलाज करा रहे हैं, इसके अतिरिक्त बाकी मरीज एल-1, एल-2 तथा एल-3 के सरकारी अस्पतालों मंे अपना ईलाज करा रहे हंै। प्रदेश में 1.50 लाख से अधिक कोविड बेडों की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 4,93,228 कोविड-19 से ठीक होकर पूर्ण उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में कोविड-19 रिकवरी रेट 94.09 प्रतिशत हो गया है।

श्री प्रसाद ने बताया कि ई-संजीवनी के माध्यम से 24 घंटे में 1864 चिकित्सीय परामर्श लिए हंै। अब तक कुल 2,21,667 से अधिक लोग चिकित्सीय परामर्श ले चुके है। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,60,693 क्षेत्रों में 4,59,674 टीम दिवस के माध्यम से 2,09,15,996 घरों के 14,25,03,717 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए अब यह निर्णय लिया गया है कि सर्विलांस की गतिविधियों पर और अधिक फोकस किया जाए। इसके लिए सभी जनपदों को यह निर्देश जारी किये जा रहे हैं कि जो पिछले 10 दिनों से संक्रमण बढ़ने के जो मामले आ रहे हैं जिले के मैप पर उसको मैपिंग करें जिससे यह पता चले कि शहर के किस इलाके से संक्रमण बढ़ने के केस आ रहे हैं ताकि जल्दी से जल्दी लक्षणात्मक व्यक्तियों की जांच कराई जा सके। जांच के पश्चात यदि संक्रमण हो तो उन्हें आइसोलेट किया जाये, जिससे उन्हें अन्य लोगों के सम्पर्क में आने से रोका जा सके। इसी से संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है।

श्री प्रसाद ने बताया कि वैक्सीन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अगले साल तक कोविड-19 की वैक्सीन आ जायेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तैयारी कर रही है। इसके लिए कोल्ड चेन की व्यवस्था करनी है उसकी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जब तक इसकी कोई दवा न आ जाए तब तक अपना बचाव करें। सार्वजनिक स्थानों पर बिना माॅस्क पाये जाने पर 500 रू0 दण्ड स्वरूप वसूला जा रहा है, इसलिए सभी से अपील है कि संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करे, नियमित हाथ धोएं तथा उचित दूरी बनाये रखंे।

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