196 करोड़ की परियोजनाओं पर मंथन, 4 माह में काम पूरा करने के निर्देश

शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए शुक्रवार को महापौर कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर डॉ. उमेश गौतम ने की, जिसमें 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड और अनटाइड मद से चल रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में टाइड मद के 86 करोड़ रुपये और अनटाइड मद के 60 करोड़ रुपये के कार्यों पर चर्चा हुई। सात वार्डों में स्वीकृत 11 कार्यों और 33 वार्डों में संचालित 34 कार्यों की स्थिति का आकलन किया गया। साथ ही 30 दिसंबर 2025 को स्वीकृत 79 परियोजनाओं पर निर्माण, जलकल, स्वास्थ्य और लेखा विभाग के अधिकारियों के साथ मंथन हुआ।

महापौर ने बताया कि शासन से 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी जल्द प्राप्त होगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आगामी चार महीनों में सभी कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

4 करोड़ से बनेगा सवा किलोमीटर लंबा नाला, 1.5 लाख आबादी को राहत
बरेली। शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बदायूं रोड पर सवा किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित नाले का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसके निर्माण से बरसात में जलभराव से जूझ रही करीब डेढ़ लाख आबादी को राहत मिलेगी। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत हो सके।

2026 तक हाइटेक सिटी बनेगा बरेली, तैयार हुआ विकास का ब्लूप्रिंट
बरेली। नगर निगम ने शहर के समग्र विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसमें 15वें वित्त आयोग की धनराशि से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
इस योजना के तहत नई सड़कों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति में सुधार, सीवर लाइन विस्तार, ड्रेनेज सिस्टम सुदृढ़ करने और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही नए पार्क विकसित कर शहर को हरित स्वरूप देने की भी योजना है।

महापौर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि लक्ष्य वर्ष 2026 तक बरेली को हाइटेक सिटी के रूप में विकसित करना है, ताकि शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा सके।




