दिल्ली में राशन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव


दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राशन कार्ड नियमों में व्यापक संशोधन किए हैं। सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही “पहले आओ, पहले पाओ” प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसकी जगह जिले की कुल आबादी के आधार पर कोटा प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी जिलों और क्षेत्रों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप राशन कार्ड जारी करने का अवसर मिल सके।सरकार का मानना है कि नई कोटा प्रणाली से उन इलाकों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा, जहां पहले सीमित संसाधनों या तकनीकी कारणों से पात्र परिवार राशन कार्ड से वंचित रह जाते थे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसी एक क्षेत्र को अनुचित लाभ न मिले और सभी जिलों में संतुलित रूप से राशन कार्ड वितरण हो सके।इसके साथ ही, पात्रता मानकों में भी अहम बदलाव किए गए हैं। नई शर्तों के तहत केवल वही परिवार राशन कार्ड के लाभ के पात्र होंगे, जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद हैं। इससे अपात्र लोगों को मिलने वाले लाभ पर रोक लगेगी और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने नई और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की है। अब लाभार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस प्रणाली से राशन दुकानों में होने वाली अनियमितताओं, कटौती और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।दिल्ली सरकार के अनुसार, इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आम नागरिकों के लिए अधिक भरोसेमंद बनाना है। नई व्यवस्था से न केवल जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन उपलब्ध होगा, बल्कि राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी सख्ती से अंकुश लगेगा।





