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शादी-विवाह के आयोजन में जुगाड़ू भारत के लोग

देश में कोरोना वायरस ने जीवन के विविध क्षेत्रों में अपना असर दिखाया है और शादी-विवाह के आयोजन भी इससे अछूते नहीं हैं। कोरोना संकट के कारण घोषित लॉकडाउन की वजह से अप्रैल-मई में होने वाली शादियों पर ग्रहण लग गया।
देश में कोरोना वायरस ने जीवन के विविध क्षेत्रों में अपना असर दिखाया है और शादी-विवाह के आयोजन भी इससे अछूते नहीं हैं। कोरोना संकट के कारण घोषित लॉकडाउन की वजह से अप्रैल-मई में होने वाली शादियों पर ग्रहण लग गया। काफी संख्या में लोगों को लॉकडाउन की वजह से शादियां टालनी पड़ी हैं। अब सरकार की ओर से शादियों के आयोजन की छूट दी गई है तो उसमें सिर्फ 50 मेहमानों को ही बुलाया जा सकता है। भारत के लोग इतने जुगाड़ू हैं कि उन्होंने इस नियम भी तोड़ निकाल लिया है। खासकर पंजाब की शादियों में लोगों ने मेहमानों को बुलाने का अलग तरीका खोज निकाला है।
शाकाहारी लोगों की शिफ्ट चार से छह बजे तक
अप्रैल और मई में शादियां न हो पाने के बाद जून में शादियों के सिर्फ छह मुहूर्त बचे हुए थे। इनमें से भी एक मुहूर्त बीत चुका है और अब सिर्फ पांच मुहूर्त ही बचे हैं। पंजाब के लोगों ने शादियों में 50 लोगों की सीमा का पालन करने के लिए अलग तरीका ढूंढ निकाला है। ये लोग अपने रिश्तेदारों और मेहमानों को शिफ्ट वाइज बुला रहे हैं। शाकाहारी खाना खाने वालों को शाम चार से छह बजे की शिफ्ट में बुलाया जा रहा है। पंजाब में ऐसे मेहमानों को राजमा और चावल सहित तमाम अन्य शाकाहारी व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
नॉनवेज की शिफ्ट छह से आठ तक
जो रिश्तेदार या मेहमान मांसाहारी खाने के शौकीन है उन्हें शाम छह से आठ बजे की शिफ्ट का न्योता दिया जा रहा है। ऐसे मेहमानों के लिए मटन, चिकन, कबाब के साथ ही दारू की भी व्यवस्था की जा रही है।
45 मिनट से ज्यादा न रुकने की अपील
भीड़ से बचने के लिए मेहमानों से एक अपील खास तौर पर की जा रही है। मेहमानों से कहा जा रहा है कि वे शादी समारोह में 30 से 45 मिनट ही रुके। इससे ज्यादा न रुक कर अन्य मेहमानों को समारोह में आने का मौका दें। इस कदम से समारोह में भीड़ भी नहीं होगी।
प्रशासन के पास पहुंच रहे ऐसे आवेदन
पंजाब के जालंधर में जिला प्रशासन के पास ऐसे आवेदन पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस तरह मेहमानों को बुलाने के दो फायदे हो रहे हैं। एक तो इससे शादी समारोह में भीड़ नहीं हो रही है और दूसरे इस तरीके से अधिक मेहमानों को समारोह में बुलाने में कामयाबी मिल रही है। प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अभी तक इस तरह के 11 आवेदन मिल चुके हैं।
प्रशासन को भी ऐसे आवेदनों पर अनुमति देने में कोई आपत्ति नहीं है और इसकी बाकायदा अनुमति दी जा रही है। ऐसा आयोजन करने वाले एक शख्स ने बताया कि इससे कोरोना के संक्रमण के खतरे से भी बचा जा सकता है।
50 से ज्यादा लोगों की भीड़ न हो
इस बाबत जालंधर के डीसी वरिंदर कुमार शर्मा का कहना है कि अगर गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग इस तरह का आयोजन करते हैं तो इसमें प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है। हमारा तो बस इतना ही कहना है की समारोह में 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ एक साथ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस नियम का सख्ती से अनुपालन कर रहे हैं।

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