दो वरिष्ठ IAS अधिकारी सस्पेंड, प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप


चंडीगढ़।
पंजाब में भगवंत मान सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीद योजना में छह वर्षों से अधिक की देरी को लेकर की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, 2003 बैच के IAS अधिकारी कमल किशोर यादव और 2014 बैच के IAS अधिकारी जसप्रीत सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। दोनों अधिकारियों पर योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत की गई है।
बताया जा रहा है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगभग 28 हजार से अधिक स्मार्टफोन खरीदे जाने थे, लेकिन वर्षों तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जिसके बाद सरकार ने जिम्मेदारी तय करते हुए यह कड़ा कदम उठाया।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ मुख्यालय में तैनात रखा गया है और उन्हें नियमानुसार भत्ता दिया जाएगा। वहीं, इसी मामले में सरकार ने दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला भी किया है।
इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी तेज़ हो गई हैं। विपक्ष ने सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया है, जबकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई जवाबदेही और सुशासन की दिशा में जरूरी कदम है।
फिलहाल सरकार ने संकेत दिए हैं कि मामले की आंतरिक जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आगे और भी सख़्त कार्रवाई की जा सकती है।





