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तीन पहिए, एक क्रांति: बैटरी तकनीक से भारत में ईवी विकास को मिल रही रफ्तार

लखनऊ। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और इसमें इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है। आज ई-रिक्शा देश में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं, जो यात्रियों को स्थानीय गंतव्यों और सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

देशभर में वर्तमान में 18.1 लाख से अधिक पंजीकृत ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिससे यह इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र का सबसे बड़ा और व्यापक रूप से अपनाया गया सेगमेंट बन गया है। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक इनकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। किफायती लागत, संचालन में सरलता और भारतीय सड़कों के अनुकूलता के कारण ई-रिक्शा आम लोगों के लिए एक व्यवहारिक परिवहन विकल्प साबित हो रहे हैं।

वर्ष 2025 तक इस क्षेत्र का बाजार लगभग 1.55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके तेज़ी से हो रहे विस्तार को दर्शाता है। इस विकास के केंद्र में उन्नत बैटरी तकनीक है, जो वाहन की क्षमता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और लागत को सीधे प्रभावित करती है।

इसी दिशा में ट्रॉनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड एक प्रमुख बैटरी नवप्रवर्तक के रूप में उभरकर सामने आई है। कंपनी की बैटरी तकनीक ने पिछले एक दशक में देशभर में 5 लाख से अधिक ई-रिक्शा के संचालन को समर्थन दिया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कंपनी की मजबूत उपस्थिति है तथा यह प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक बैटरी पैक की आपूर्ति कर रही है।

तकनीकी दृष्टि से, ट्रॉनटेक की लिथियम बैटरियां औसतन 3000 से अधिक चार्जिंग साइकल प्रदान करती हैं, जो पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों (लगभग 500 साइकल) की तुलना में कहीं अधिक है। इससे बैटरी की उम्र बढ़ती है, रखरखाव लागत कम होती है और ड्राइवरों की आय में स्थिरता आती है।

कंपनी के संस्थापक एवं सीईओ समरथ एस. कोचर ने कहा कि भारत का ई-रिक्शा इकोसिस्टम यह दर्शाता है कि जब तकनीक वास्तविक आर्थिक जरूरतों के अनुरूप होती है, तो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ती है। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों के लिए बैटरी केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का आधार है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता और प्रदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ई-रिक्शा क्षेत्र ने रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हजारों लोग इससे अपनी आजीविका चला रहे हैं।

भारत के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ ई-रिक्शा भविष्य में भी अहम भूमिका निभाते रहेंगे, जिसमें उन्नत बैटरी तकनीक का योगदान निर्णायक रहेगा।

ट्रॉनटेक के बारे में:
वर्ष 2004 में स्थापित ट्रॉनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत की अग्रणी लिथियम-आयन बैटरी निर्माता कंपनियों में से एक है। कंपनी 4 लाख से अधिक ई-रिक्शा और 6 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ऊर्जा प्रदान कर रही है। इसके उत्पादों में Li-EV बैटरी, IP67 रेटेड चार्जर, टेलीकॉम एवं ऊर्जा भंडारण समाधान शामिल हैं। कंपनी का नेतृत्व समरथ एस. कोचर कर रहे हैं, जिनके पास इस क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

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