मनरेगा के नाम बदलने के खिलाफ पंजाब में प्रदर्शन


अमृतसर में गोलीकांड से बढ़ा तनाव, राज्यों में उभरे राजनीतिक-सामाजिक मुद्दे
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में संभावित बदलाव को लेकर पंजाब में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। विभिन्न मजदूर संगठनों, किसान यूनियनों और विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के रोजगार और सम्मान से जुड़ा प्रतीक है।
इस बीच अमृतसर में हुई गोलीबारी की घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, जबकि प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
मनरेगा के नाम बदलने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्षी दलों ने इसे जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने की कोशिश बताया, वहीं सरकार का कहना है कि योजना की मूल भावना में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
गोलीकांड और प्रदर्शन की घटनाओं ने पंजाब ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इन मुद्दों का असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
राज्य प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की सलाह दी गई है।





