ब्रेकथ्रू का राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘दे ताली: सपनों से सफलता तक’ आयोजित

55 हजार युवाओं ने समानता और सशक्तिकरण के लिए मिलाई आवाज
लखनऊ, 27 फरवरी 2026। महिलाओं और किशोरियों के लिए समान अवसर एवं सशक्त भविष्य की दिशा में कार्यरत संस्था ब्रेकथ्रू द्वारा गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘दे ताली: सपनों से सफलता तक’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 55,000 से अधिक युवाओं, अभिभावकों, सामुदायिक नेताओं, कंटेंट क्रिएटर्स और सरकारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूढ़ियों और प्रतिगामी मान्यताओं को चुनौती देना तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में लाना रहा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
‘दे ताली सॉन्ग’ का लोकार्पण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘दे ताली सॉन्ग’ का लॉन्च रहा, जिसे प्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान ने प्रो-बोनो स्वर दिया। यह गीत युवा महिलाओं की आकांक्षाओं, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बताया गया। उपस्थित युवाओं ने गीत के माध्यम से समानता और आत्मविश्वास का संदेश ग्रहण किया।

‘गुफ्तगू’ सत्र में डिजिटल बदलाव पर चर्चा
आयोजन के अंतर्गत आयोजित ‘गुफ्तगू’ सत्र में कंटेंट क्रिएटर्स और युवाओं के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका, मानसिकता परिवर्तन और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर खुली चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल अभियानों के माध्यम से सकारात्मक सोच और लैंगिक समानता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा सकता है।
चार जिलों में 55 हजार युवाओं के साथ कार्य
ब्रेकथ्रू वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, गोरखपुर, लखनऊ और महाराजगंज जिलों में 55,000 किशोरों एवं युवाओं के साथ कार्य कर रहा है। संस्था स्कूलों और समुदायों में संवाद कार्यक्रम, मीडिया अभियानों और डिजिटल पहलों के माध्यम से लैंगिक समानता, नेतृत्व विकास और निर्णय क्षमता को सशक्त कर रही है।

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा, “युवाओं को केंद्र में रखे बिना समान समाज की परिकल्पना संभव नहीं है। जब लड़कियाँ और महिलाएँ अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करती हैं, तो परिवार मजबूत होते हैं और समाज प्रगति करता है।”
‘दे ताली’ पहल के माध्यम से अभिभावकों, पुरुष परिवार सदस्यों और समुदायों से आह्वान किया गया कि वे युवा महिलाओं के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करें। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि युवा केवल परिवर्तन के वाहक नहीं, बल्कि उसके निर्माता भी हैं।




