लखनऊ में भूख मिटाने की पहल: ‘प्रभु कृपा’ सामुदायिक रसोई से सैकड़ों को मिल रहा पौष्टिक भोजन

लखनऊ।
लखनऊ शहर में प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों को भूख से राहत दिलाने के उद्देश्य से एनजीओ ‘एहसास’ द्वारा संचालित प्रभु कृपा सामुदायिक रसोई एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। गोमती नगर स्थित यह रसोई उन लोगों के लिए आशा की किरण है, जो रोज़मर्रा की खाना पकाने की मूल सुविधाओं का खर्च उठाने में असमर्थ हैं और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं।प्रभु कृपा कम्युनिटी किचन में प्रतिदिन पौष्टिक और संतुलित भोजन मात्र ₹70 की वास्तविक लागत पर तैयार किया जाता है, जबकि लाभार्थियों से सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से केवल ₹10 प्रति व्यक्ति का नाममात्र शुल्क लिया जाता है। यह पहल जरूरतमंदों को न सिर्फ सस्ता भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ भोजन प्राप्त करने का अवसर भी देती है।यह सामुदायिक रसोई सप्ताह में 6 दिन, दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक भोजन परोसती है।

इसके साथ-साथ रसोई के संचालन से स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर भी मिल रहे हैं, जिससे यह पहल सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही है।एनजीओ ‘एहसास’ ने शहरवासियों से इस मानवीय मिशन में जुड़ने की अपील की है। इच्छुक लोग वार्षिक सदस्य बनकर जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर या दिवंगत प्रियजनों की स्मृति में भोजन प्रायोजित कर सकते हैं। यह सहयोग जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकता है।संस्था ने आमजन से सहयोग के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भी उपलब्ध कराया है, जिसे भरकर लोग इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं। साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से भी संस्था की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।संक्षेप में, प्रभु कृपा सामुदायिक रसोई न केवल भूख मिटाने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में करुणा, सम्मान और सहभागिता की भावना को भी सशक्त बना रही है।



