इनवर्टिस विश्वविद्यालय में 12वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन, 600 छात्रों को मिली डिग्रियां

बरेली।
इनवर्टिस विश्वविद्यालय में मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने हेतु बारहवें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. उमेश गौतम एवं प्रतिकुलाधिपति पार्थ गौतम के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 600 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की गईं। इनमें 36 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 35 को सिल्वर मेडल, 19 को ब्रॉन्ज मेडल तथा 23 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मेधावियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांच मेडल से सम्मानित किया गया।

समारोह की खास बात यह रही कि सिनेमा जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री और प्रथम भारतीय मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन, क्रिकेटर, कमेंटेटर व राजनीतिज्ञ नवजोत सिंह सिद्धू, बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा तथा वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी तापस दास को उनके-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर अभिनेता संजय मिश्रा ने कहा कि डॉक्टरेट की उपाधि पाकर वह अत्यंत अभिभूत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में मकसद सबसे अहम होता है, रास्ते में आने वाले संघर्ष को लोग याद नहीं रखते। वहीं सुष्मिता सेन ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के दौरान जो भी सीखा है, अब उसे जीवन में लागू करने का समय है। जीवन को लगातार समझते और पढ़ते रहना जरूरी है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के साथ संतुष्टि भी आवश्यक है। असफलता से कभी डरना नहीं चाहिए, क्योंकि यही डर सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा बनता है। उन्होंने युवाओं से बिना पछतावे के आगे बढ़ने और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रतिकुलाधिपति पार्थ गौतम ने कहा कि माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कारों पर चलने वाले युवा ही भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने इनवर्टिस विश्वविद्यालय का एलुमनाई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया। कुलाधिपति प्रो. उमेश गौतम ने विद्यार्थियों को अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने की सीख दी और कहा कि यदि इतिहास रचना है तो जोश और जुनून को हमेशा जीवित रखना होगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संरक्षक के.के. गौतम, कार्यकारी अध्यक्ष सोनल गौतम, कुलपति प्रो. वाईडीएस आर्या, कुलसचिव संतोष कुमार, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

दीक्षांत समारोह के उपरांत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित डीजे कार्यक्रम में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने जमकर नृत्य किया, जिससे समारोह का उत्साह और भी बढ़ गया।




