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“विश्व विकलांग दिवस 2025: अधिकार, गरिमा और समावेशिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का वैश्विक आह्वान”

नई दिल्ली, 3 दिसंबर 2025 — आज पूरे विश्व में International Day of Persons with Disabilities (IDPD) मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1992 में स्थापित इस दिवस का उद्देश्य समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, गरिमा, समान अवसरों और समावेशिता को बढ़ावा देना है।

2025 की थीम: समावेशी समाज का निर्माण :-इस वर्ष की थीम “Fostering disability-inclusive societies for advancing social progress” रखी गई है, जिसके तहत दुनिया भर में सरकारें, संस्थाएँ और सामाजिक समूह एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्यरत हैं जहाँ दिव्यांगजन न केवल शामिल हों, बल्कि सभी क्षेत्रों में समान भागीदारी निभाएँ।

कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों पर जोर

  • कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा दिव्यांगजन अधिकारों पर चर्चाएँ, कार्यशालाएँ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
  • स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार, परिवहन और सार्वजनिक स्थानों में Accessibility सुनिश्चित करने को लेकर विशेष अपील की जा रही है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि कानून और नीतियाँ मौजूद होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर दिव्यांगजनों को अभी भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है — जिनमें सुरक्षित सार्वजनिक ढाँचा, परिवहन सुविधा और सूचना तक पहुँच प्रमुख हैं।
    भारत में हालात और प्रयास
  • भारत में भी इस अवसर पर कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने दिव्यांगजनों की शिक्षा व रोजगार में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
  • कुछ राज्यों में रोजगार अवसरों को बढ़ाने की पहल हुई है और दिव्यांगजनों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया। समाज के लिए संकेत International Day of Persons with Disabilities हमें यह याद दिलाता है कि —
  • दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को कम नहीं करती; बाधाएँ समाज में हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए।
  • समावेशी समाज केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का अधिकार है।
  • नागरिकों, संस्थानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों से ही दिव्यांगजनों को वास्तविक समानता मिल सकती है।

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