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	<title>पूरी होगी हर मनोकामना Archives - Ad Event Media</title>
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		<title>इस विधि से करें मां कालरात्रि का पूजन,पूरी होगी हर मनोकामना</title>
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		<pubDate>Fri, 08 Apr 2022 04:28:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>चैत्र नवरात्रि के दिन चल रहे हैं और इन दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों का पूजन किया जाता है। ऐसे में आज नवरात्रि का सांतवा दिन है और आज के दिन माँ कालरात्रि का पूजन किया जाता है। आप सभी को बता दें कि नवरात्र के दौरान पड़ने वाली सप्तमी को महासप्तमी के</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4/">इस विधि से करें मां कालरात्रि का पूजन,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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<p>चैत्र नवरात्रि के दिन चल रहे हैं और इन दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों का पूजन किया जाता है। ऐसे में आज नवरात्रि का सांतवा दिन है और आज के दिन माँ कालरात्रि का पूजन किया जाता है। आप सभी को बता दें कि नवरात्र के दौरान पड़ने वाली सप्तमी को महासप्तमी के नाम से जाना जाता है। जी हाँ और आज मां दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा करते हैं। जी दरअसल जब माता पार्वती ने शुंभ-निशुंभ का वध करने के लिए अपने स्वर्णिम वर्ण को त्याग दिया था, तब उन्हें कालरात्रि के नाम से जाना गया। आप सभी को बता दें कि मां कालरात्रि का वाहन गधा है और इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से ऊपर का दाहिना हाथ वरद मुद्रा में और नीचे का हाथ अभयमुद्रा में रहता है।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://theblat.in/wp-content/uploads/2022/04/kalratri.jpg" alt="" class="wp-image-30759"/></figure></div>



<p>जबकि बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड़ग है। कहा जाता है मां का ये स्वरूप देखने में भले ही भयानक लगता है, लेकिन ये बड़ा ही शुभ फलदायक है। इस वजह से देवी मां का एक नाम शुंभकारी भी है। कहते हैं ग्रहों में शनि ग्रह पर देवी मां का आधिपत्य बताया जाता है और इनके स्मरण मात्र से ही भूत-पिशाच, भय और अन्य किसी भी तरह की परेशानी तुरंत दूर हो जाती है।</p>



<p><strong>मां कालरात्रि पूजा विधि-&nbsp;</strong>मां कालरात्रि की पूजा सुबह के समय करना शुभ माना जाता है। कहते हैं मां की पूजा के लिए लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इसी के साथ मकर और कुंभ राशि के जातको को कालरात्रि की पूजा जरूर करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि परेशानी में हो तो सात या नौ नींबू की माला देवी को चढ़ाएं। वहीं सप्तमी की रात्रि तिल या सरसों के तेल की अखंड ज्योति जलाएं। इसके अलावा सिद्धकुंजिका स्तोत्र, अर्गला स्तोत्रम, काली चालीसा, काली पुराण का पाठ करना चाहिए। जी हाँ और यथासंभव इस रात्रि संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।</p>
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		<title>मां कूष्मांडा को जरूर लगाए यह ख़ास भोग और इन मन्त्रों का करें जाप,पूरी होगी हर मनोकामना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[AEM 'Web_Wing']]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Apr 2022 04:26:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[पूरी होगी हर मनोकामना]]></category>
		<category><![CDATA[मां कूष्मांडा को जरूर लगाए यह ख़ास भोग और इन मन्त्रों का करें जाप]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चैत्र नवरात्रि का पर्व चल रहा है और इस पर्व का आज चौथा दिन है। आप सभी को बता दें कि नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। जी हाँ और नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है। आप सभी को बता दें कि इस दिन मां कूष्मांडा की उपासना</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be/">मां कूष्मांडा को जरूर लगाए यह ख़ास भोग और इन मन्त्रों का करें जाप,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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<p>चैत्र नवरात्रि का पर्व चल रहा है और इस पर्व का आज चौथा दिन है। आप सभी को बता दें कि नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। जी हाँ और नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है। आप सभी को बता दें कि इस दिन मां कूष्मांडा की उपासना की जाती है। वहीँ पंचाग के अनुसार आज चतुर्थी तिथि दोपहर 3 बजकर 45 मिनट तक रहेगी और उसके बाद से पंचमी लग जाएगी।&nbsp;</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/04/kushmanda.jpg" alt="" class="wp-image-481096"/></figure></div>



<p><strong>आज मां कूष्मांडा की पूजा के बाद इस मंत्र का 21 बार जप करें-</strong>&nbsp;सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्त पद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ जी दरअसल शास्त्रों में कहा गया है कि इस मंत्र के जप से सूर्य संबंधी लाभ तो मिलेगा ही। इसी के साथ ही, परिवार में खुशहाली आएगी और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। इसके अलावा आय में बढ़ोतरी होगी।&nbsp;</p>



<p><strong>मां का प्रिय भोग-</strong>&nbsp;नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को मालपुआ का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। जी दरअसल ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और इसी के साथ ही इस दिन कन्याओं को रंग-बिरंगे रिबन या वस्त्र भेट करना चाहिए क्योंकि इससे धन में वृद्धि होती है।</p>



<p><strong>इस तरह करें मां कूष्मांडा की पूजा-</strong>&nbsp;मां कूष्मांडा की पूजा सच्चे मन से करना चाहिए। इस दिन मन को अनहत चक्र में स्थापित करें और मां का आशीर्वाद लें। वहीँ कलश में विराजमान देवी-देवता की पूजा करने के बाद मां कूष्मांडा की पूजा करें। अब इसके बाद हाथों में फूल लें और मां का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करें।&nbsp;</p>



<p>सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु।<br>&nbsp;<br><strong>जीवन में आ रही परेशानियों और समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस मंत्र का जाप 108 बार करें।</strong></p>



<p>दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्।<br>जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥</p>



<p><strong>बौद्धिक क्षमता में वृद्धि और परीक्षा में अच्छे रिजल्ट&nbsp;के लिए इस मंत्र का​ 5 बार जप करें।&nbsp;</strong></p>



<p>‘या देवी सर्वभूतेषु बिद्धि-रूपेण संस्थिता।<br>नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥</p>



<p><strong>किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए इस मंत्र का 11 बार जप करें।&nbsp;</strong></p>



<p>जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्।<br>चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥</p>



<p><strong>घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए शांति मंत्र का 21 बार जाप अवश्य करें।&nbsp;</strong></p>



<p>या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।<br>नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be/">मां कूष्मांडा को जरूर लगाए यह ख़ास भोग और इन मन्त्रों का करें जाप,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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		<title>रविवार के दिन जरुर करें यह उपाय,मिलेगी सभी दोषों से मुक्ति,पूरी होगी हर मनोकामना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[AEM 'Web_Wing']]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Jan 2022 04:22:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[पूरी होगी हर मनोकामना]]></category>
		<category><![CDATA[मिलेगी सभी दोषों से मुक्ति]]></category>
		<category><![CDATA[रविवार के दिन जरुर करें यह उपाय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रविवार का दिन सूर्य देव को अर्पित माना जाता है। ऐसे में इस दिन सूर्य देव का पूजन किया जाए तो बड़े लाभ होते हैं और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। तो अब हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ खास उपाय जो आप कर सकते हैं सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए। रविवार</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a4%b9/">रविवार के दिन जरुर करें यह उपाय,मिलेगी सभी दोषों से मुक्ति,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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<p>रविवार का दिन सूर्य देव को अर्पित माना जाता है। ऐसे में इस दिन सूर्य देव का पूजन किया जाए तो बड़े लाभ होते हैं और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। तो अब हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ खास उपाय जो आप कर सकते हैं सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" src="https://nextindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/01/Sun-Devta.gif" alt="" class="wp-image-15621"/></figure></div>



<p><strong>रविवार को करें सूर्य को प्रसन्न करने के आसान उपाय-</strong></p>



<p><br>* रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर सूर्य देव को जल अर्पित करें। कहा जाता है ऐसा करने से आर्थिक तंगी (Money Problem) की समस्या दूर होती है। वैसे आप चाहें तो रविवार को जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। यह करना भी बड़ा शुभ होता है।</p>



<p>* सूर्य देव को लाल रंग बेहद प्रिय है। इसी के चलते अगर आप सूर्य देव को जल अर्पित करने से पहले उसमें चुटकी भर कुमकुम डाल दें (Mix Kumkum in water) तो यह उपाय भी सूर्य को प्रसन्न कर सकता है। इसी के साथ ही लाल रंग का फूल भी सूर्य देव को अर्पित करें। कहा जाता है रविवार को कुमकुम और लाल फूल मिला जल सूर्य देव के साथ ही बरगद के पेड़ में भी चढ़ाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से भी सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।</p>



<p>* रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी बेहद प्रभावशाली माना जाता है। जी दरसल यह मान्यता है कि इस पाठ को करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और बीमारियों से मुक्ति मिलती है।</p>



<p>* कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करने और सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए रविवार के दिन व्रत करना चाहिए (Keep fast on sunday)। व्रत करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। व्रत में भूल से भी नमक का इस्तेमाल ना करें।</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a4%b9/">रविवार के दिन जरुर करें यह उपाय,मिलेगी सभी दोषों से मुक्ति,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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		<title>आज के दिन जरूर करें सूर्य देव के इन नामों का जाप,पूरी होगी हर मनोकामना</title>
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		<pubDate>Sun, 02 Jan 2022 04:18:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[आज के दिन जरूर करें सूर्य देव के इन नामों का जाप]]></category>
		<category><![CDATA[पूरी होगी हर मनोकामना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रविवार के दिन सूर्य देव के नामों का जाप करने से सभी काम बन जाते हैं और व्यक्ति हमेशा सेहतमंद रहता है।&#160;ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं सूर्य देव के 108 नाम।&#160;कहा जाता है इन नामों के जाप से सूर्य देव खुश होते हैं और मनचाही मुराद को पूरा करते हैं। सूर्य</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a6/">आज के दिन जरूर करें सूर्य देव के इन नामों का जाप,पूरी होगी हर मनोकामना</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>रविवार के दिन सूर्य देव के नामों का जाप करने से सभी काम बन जाते हैं और व्यक्ति हमेशा सेहतमंद रहता है।&nbsp;ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं सूर्य देव के 108 नाम।&nbsp;कहा जाता है इन नामों के जाप से सूर्य देव खुश होते हैं और मनचाही मुराद को पूरा करते हैं।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" src="https://nextindiatimes.com/wp-content/uploads/2022/01/suryadev.jpg" alt="" class="wp-image-14992"/></figure></div>



<p><strong>सूर्य देव के 108 नाम-</strong></p>



<p>1.अरुण: तांबे जैसे रंग वाला<br>2.शरण्य- शरण देने वाला<br>3.करुणारससिन्धु- करुणा-भावना के महासागर<br>4. असमानबल- असमान बल वाले<br>5.आर्तरक्षक- पीड़ा से रक्षा करने वाले<br>6. आदित्य- अदिति के पुत्र<br>7.आदिभूत- प्रथम जीव<br>8.अखिलागमवेदिन- सभी शास्त्रों के ज्ञाता<br>9.अच्युत- जिसता अंत विनाश न हो सके (अविनाशी)<br>10. अखिलज्ञ- सब कुछ का ज्ञान रखने वाले<br>11. अनन्त- जिसकी कोई सीमा नहीं है<br>12. इना- बहुत शक्तिशाली<br>13. विश्वरूप- सभी रूपों में दिखने वाला<br>14. इज्य- परम पूजनीय<br>15. इन्द्र- देवताओं के राजा<br>16. भानु- एक अद्भुत तेज के साथ<br>17. इन्दिरामन्दिराप्त- इंद्र निवास का लाभ पाने वाले<br>18. वन्दनीय- स्तुति करने योग्य<br>19. ईश- ईश्वर<br>20. सुप्रसन्न- बहुत उज्ज्वल<br>21. सुशील- नेक दिल वाला<br>22. सुवर्चस्- तेजोमय चमक वाले<br>23. वसुप्रद- धन दान करने वाले<br>24. वसु- देव<br>25. वासुदेव- श्री कृष्ण<br>26. उज्ज्वल- धधकता हुआ तेज वाला<br>27. उग्ररूप-क्रोध में रहने वाले<br>28. ऊर्ध्वग- आकार बढ़ाने वाला<br>29. विवस्वत-चमकता हुआ<br>30. उद्यत्किरणजाल- रोशनी की बढ़ती कड़ियों का एक जाल उत्पन्न करने वाले<br>31. हृषिकेश- इंद्रियों के स्वामी<br>32. ऊर्जस्वल- पराक्रमी<br>33. वीर- निडर<br>34. निर्जर- न बिगड़ने वाला<br>35. जय- जीत हासिल करने वाला<br>36. ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी- बिना जांघों वाले सारथी<br>37. ऋषिवन्द्य- ऋषियों द्वारा पूजनीय<br>38. रुग्घन्त्र्- रोग विनाशक<br>39. ऋक्षचक्रचर- सितारों के चक्र के माध्यम से चलने वाले<br>40. ऋजुस्वभावचित्त- प्रकृति की वास्तविक शुद्धता को पहचानने वाले<br>41. नित्यस्तुत्य- प्रशस्त के लिए तैयार रहने वाला<br>42. ऋकारमातृकावर्णरूप- ऋकारा पत्र के आकार वाला<br>43. उज्ज्वल तेजस- दीप्ति वाला<br>44. ऋक्षाधिनाथमित्र- तारों के देवता के मित्र<br>45. पुष्कराक्ष- कमल नयन वाले<br>46. लुप्तदन्त- जिनके दांत नहीं हैं<br>47. शान्त- शांत रहने वाले<br>48. कान्तिद- सुंदरता के दाता<br>49. घन- नाश करने वाल<br>50. कनत्कनकभूष- तेजोमय रत्न वाले<br>51. खद्योत- आकाश की रोशनी<br>52. लूनिताखिलदैत्य- असुरों का नाश करने वाला<br>53. सत्यानन्दस्वरूपिण्- परमानंद प्रकृति वाले<br>54. अपवर्गप्रद- मुक्ति के दाता<br>55. आर्तशरण्य- दुखियों को अपने शरण में लेने वाले<br>56. एकाकिन त्यागी<br>57. भगवत- दिव्य शक्ति वाले<br>58. सृष्टिस्थित्यन्तकारिण- जगत को बनाने वाले, चलाने वाले और उसका अंत करने वाले<br>59. गुणात्मन- गुणों से परिपूर्ण<br>60. घृणिभृत- रोशनी को अधिकार में रखने वाले<br>61. बृहत्- बहुत महान<br>62. ब्रह्मण- अनन्त ब्रह्म वाला<br>63. ऐश्वर्यद- शक्ति के दाता<br>64. शर्व- पीड़ा देने वाला<br>65. हरिदश्वा- गहरे पीले के रंग घोड़े के साथ रहने वाला<br>66. शौरी- वीरता के साथ रहने वाला<br>67. दशदिक्संप्रकाश- दसों दिशाओं में रोशनी देने वाला<br>68. भक्तवश्य- भक्तों के लिए चौकस रहने वाला<br>69. ओजस्कर- शक्ति के निर्माता<br>70. जयिन- सदा विजयी रहने वाला<br>71. जगदानन्दहेतु- विश्व के लिए उत्साह का कारण बनने वाले<br>72. जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जित- युवा,वृद्धा, बचपन सभी अवस्थाओं से दूर रहने वाले<br>73. उच्चस्थान समारूढरथस्थ- बुलंद इरादों के साथ रथ पर चलने वाले<br>74. असुरारी- राक्षसों के दुश्मन<br>75. कमनीयकर- इच्छाओं को पूर्ण करने वाले<br>76. अब्जवल्लभ- अब्जा के दुलारे<br>77. अन्तर्बहिः प्रकाश- अंदर और बाहर से चमकने वाले<br>78. परम ज्योतिष- परम प्रकाश वाले<br>79. अहस्कर- दिन की शुरूआत करने वाले<br>80. सूर्य- शक्तिशाली और तेजस्वी<br>81. कवि- ज्ञानपूर्ण<br>82. नारायण- पुरुष की दृष्टिकोण वाले<br>83. परेश- उच्च देवता<br>84. तेजोरूप- आग जैसे रूप वाले<br>85. हिरण्यगर्भ्- संसार के लिए सोनायुक्त रहने वाले<br>86. सम्पत्कर- सफलता को बनाने वाले<br>87. अचिन्त्य- किसी बात की चिन्ता न करने वाले<br>88. आत्मरूपिण- आत्मा रूपी<br>89. अच्युत- अविनाशी रूप वाले<br>90. अमरेश- सदा अमर रहने वाले<br>91. ऐं इष्टार्थद- मन की इच्छा पूरी करने वाले<br>92. रवि- भभकने वाले<br>93. हरि- पाप को हटाने वाले<br>94. परमात्मन- अद्भुत आत्मा वाले<br>95. तरुण- हमेशा युवा रहने वाले<br>96. वरेण्य- उत्कृष्ट चरित्र वाला<br>97. ग्रहाणांपति- ग्रहों के देवता<br>98. भास्कर- प्रकाश के जन्म दाता<br>99. आदिमध्यान्तरहित- जन्म, मृत्यु, रोग आदि पर विजय पाने वाले<br>100.सौख्यप्रद- खुशी देने वाला<br>101.सकलजगतांपति- संसार के देवता<br>102.अं सुप्रसन्न- सबसे अधिक प्रसन्न रहने वाले<br>103.श्रीमत्- सदा यशस्वी रहने वाले<br>104.श्रेयस्- उत्कृष्ट स्वभाव वाले<br>105.सौख्यदायिन- प्रसन्नता के दाता<br>106.दीप्तमूर्ती- सदा चमकदार रहने वाले<br>107.निखिलागमवेद्य- सभी शास्त्रों के दाता<br>108.नित्यानन्द- हमेशा आनंदित रहने वाले।</p>
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		<title>खरमास के दिनों में जरूर करे इन खास मंत्रों का जाप, पूरी होगी हर मनोकामना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[AEM 'Web_Wing']]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Dec 2021 04:38:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[खरमास के दिनों में जरूर करे इन खास मंत्रों का जाप]]></category>
		<category><![CDATA[पूरी होगी हर मनोकामना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रत्येक वर्ष जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास आरम्भ हो जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास हमेशा मार्गशीर्ष एवं पौष मास के बीच आता है। इस माह में मुख्य तौर पर प्रभु श्री विष्णु, श्रीकृष्ण एवं सूर्यदेव की पूजा होती है। साथ ही दान, पुण्य आदि की भी खास अहमियत</p>
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<p>प्रत्येक वर्ष जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास आरम्भ हो जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास हमेशा मार्गशीर्ष एवं पौष मास के बीच आता है। इस माह में मुख्य तौर पर प्रभु श्री विष्णु, श्रीकृष्ण एवं सूर्यदेव की पूजा होती है। साथ ही दान, पुण्य आदि की भी खास अहमियत होती है। परम्परा है कि यदि खरमास के माह में कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाए तो मनुष्य की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं तथा इच्छित फल की प्राप्ति होती है। </p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" src="https://nextindiatimes.com/wp-content/uploads/2021/12/lord-vishnu.jpg" alt="" class="wp-image-13505"/></figure></div>



<p><strong>प्रभु श्री विष्णु के चमत्कारी मंत्र:-</strong><br>– ॐ नमो भगवते वासुदेवाय<br>– ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्<br>– ॐ विष्णवे नम:<br>– ॐ दन्ताभये चक्र दरो दधानं,<br>कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्,<br>धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया,<br>लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।<br>– ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान, यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।</p>



<p><strong>श्रीकृष्ण भगवान के मंत्र:-</strong><br>–&nbsp; कौण्डिन्येन पुरा प्रोक्तमिमं मंत्र पुन: पुन:<br>जपन्मासं नयेद् भक्त्या पुरुषोत्तममाप्नुयात्<br>ध्यायेन्नवघनश्यामं द्विभुजं मुरलीधरम्<br>लसत्पीतपटं रम्यं सराधं पुरुषोत्तम्<br>– गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्गो<br>गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्<br>– ॐ नमो नारायण श्री मन नारायण नारायण हरि हरि<br>– श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा<br>– ॐ कृं कृष्णाय नमः<br>– ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात्<br>–&nbsp; ॐ श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा</p>



<p><strong>&nbsp;सूर्य देव के मंत्र:-</strong><br>– ॐ घृणि सूर्याय नम:<br>– ॐ घृ&#x200d;णिं सूर्य: आदित्य:<br>– ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा<br>– ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:<br>– ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ<br>– ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः<br>– ॐ सूर्याय नम:</p>
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