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		<title>Pension News: उत्‍तराखंड के एफआरआइ समेत देशभर के 14 संस्थानों में पेंशन बंद, पेंशनर हुए प्रभावित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 11:08:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सुमन सेमवाल, देहरादून: Pension News: भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आइसीएफआरई) के अधीन काम करने वाले वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) समेत देशभर के 14 संस्थानों में पेंशन बंद हो गई है। यह आपात स्थिति आइसीएफआरई के पेंशन फंड में पैसा खत्म होने के चलते आई है। इससे वानिकी अनुसंधान के देशभर के अहम 14</p>
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<p>सुमन सेमवाल, देहरादून: Pension News: भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आइसीएफआरई) के अधीन काम करने वाले वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) समेत देशभर के 14 संस्थानों में पेंशन बंद हो गई है। यह आपात स्थिति आइसीएफआरई के पेंशन फंड में पैसा खत्म होने के चलते आई है। इससे वानिकी अनुसंधान के देशभर के अहम 14 संस्थानों के एक हजार से अधिक पेंशनर प्रभावित हुए हैं।</p>



<p>आइसीएफआरई के अधीन काम करने वाले 14 संस्थानों/केंद्रों से रिटायर होने वाले विज्ञानियों व अन्य कार्मिकों की पेंशन पर हर माह करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इनकी पेंशन को निर्बाध रूप से जारी करने के लिए वर्ष 2008 में पेंशन फंड ट्रस्ट बनाया गया था। जिसमें आइसीएफआरई अपने राजस्व से प्राप्त आय का कुछ हिस्सा जमा करती रहती है।</p>



<p>वहीं, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भी समय-समय पर मदद करता आया है। हालांकि, धीरे-धीरे रिटायर होने वाले कार्मिकों की संख्या बढ़ने और जमा राशि में कमी आने के चलते फंड में कमी आती चली गई। अब स्थिति यह आ गई है कि आइसीएफआरई को नोटिस जारी कर यह बताना पड़ गया कि पेंशन फंड में पैसा खत्म हो गया है। साथ ही नोटिस में कहा गया है कि जनवरी 2023 के बाद पेंशन जारी नहीं की जाएगी। हालांकि, पेंशनरों को जनवरी माह की भी पेंशन जारी नहीं की जा सकी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जून 1991 में आइसीएफआरई को बनाया गया था स्वायत्त निकाय</h2>



<p>जून 1991 से पहले वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) व देश के अन्य वानिकी शोध संस्थान पृथक-पृथक रूप में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सीधे अधीन कार्यरत थे। हालांकि, जून 1991 के बाद आइसीएफआरई को स्वायत्त निकाय घोषित कर दिया गया। साथ ही एफआरआइ समेत अन्य संस्थानों को परिषद के अधीन कर दिया गया। तब सरकार ने विभिन्न केंद्रीय कार्मिकों को आइसीएफआरई में अनिवार्य प्रतिनियुक्ति पर भेजा था।</p>



<p>कार्मिकों को विकल्प दिए गए कि यदि वह आइसीएफआरई में समायोजित होना चाहते हैं तो उनकी सेवा शर्तें पूर्व की भांति ही लागू रखी जाएंगी। उस समय रिटायर होने वाले कार्मिक कम थे तो कोई समस्या नहीं आई। हालांकि, समय के साथ रिटायर कार्मिकों की संख्या बढ़ने पर वर्ष 2008 में पेंशन फंड ट्रस्ट गठित कर दिया गया था। वर्ष 2011 से पेंशन को लेकर चिंता बढ़ने पर परिषद के कार्मिक निरंतर केंद्र सरकार से उचित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">केंद्र सरकार के विभागों से समाहित पेंशनर</h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>विज्ञानी, 263</li>



<li>तकनीकी कार्मिक, 354</li>



<li>प्रशासनिक कार्मिक, 422</li>



<li>कुल, 1039</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">इन संस्थानों/केंद्रों के पेंशनर प्रभावित</h2>



<p>एफआरआइ देहरादून, टीएफआरआइ जबलपुर, एएफआरआइ जोधपुर, एचएफआरआइ शिमला, आइएफपी रांची, आइएफबी हैदराबाद, आइएफजीटीबी कोयंबटूर, आरएफआआइ जोरहाट, आइडब्ल्यूएसटी बंगलुरू, एसडीसी छिंदवाड़ा, बीआरसी आइजाल, ईआरसी प्रयागराज, एलईसी अगरतला, सीईसी विशाखापत्तनम।</p>



<p id="rel4"><a href="https://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-dehradun-fighting-between-the-two-sides-regarding-encroachment-spraying-petrol-over-councilor-23338263.html"></a></p>



<p id="rel3"><a href="https://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-seeing-the-plight-of-dehradun-isbt-transport-minister-chandan-ramdas-got-angry-23338268.html"></a></p>
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		<title>बिहार के जेठुली गाँव में हुई गोलीबारी की असल वजह क्या है?</title>
		<link>https://adeventmedia.com/what-is-the-real-reason-behind-the-firing-in-bihars-jethuli-village/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 07:24:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बिहार की राजधानी पटना से सटे फतुहा के जेठुली गांव में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई है. एक ही बिरादरी के बीच इतने बड़े झगड़े की असल वजह क्या है? ज़मीनी हक़ीक़त जानने के लिए हम जेठुली गांव पहुंचे, जहां हमें हैरान करने वाली कई जानकारी मिली. फतुहा इलाक़े के जेठुली गांव</p>
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<p><strong>बिहार की राजधानी पटना से सटे फतुहा के जेठुली गांव में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई है.</strong></p>



<p>एक ही बिरादरी के बीच इतने बड़े झगड़े की असल वजह क्या है? ज़मीनी हक़ीक़त जानने के लिए हम जेठुली गांव पहुंचे, जहां हमें हैरान करने वाली कई जानकारी मिली.</p>



<p>फतुहा इलाक़े के जेठुली गांव में मंगलवार की सुबह सामान्य सी दिख रही थी. हालांकि सड़क के एक तरफ़ जले हुए मकान, सड़क पर जली हुई गाड़ियां और दूसरी तरफ़ बड़ी संख्या में पुलिसवाले नज़र आ रहे थे.</p>



<p>इसी गांव के एक व्यक्ति ने हमें पहचान लिया कि ये मीडिया वाले हैं. उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर आसपास के खंभों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि सारी लड़ाई इसी की वजह से हुई है.</p>



<p>सीसीटीवी कैमरे का ये मामला क्या है इस पर आगे आपको विस्तार से बताएंगे, लेकिन पहले जानते हैं जेठुली गांव के बारे में.</p>



<p>रविवार की दोपहर गोलियों की आवाज़ से गूंजने वाला जेठुली गांव बिहार की राजधानी पटना ज़िले की सीमा में है. गंगा नदी के किनारे बसा यह गांव पटना से महज़ 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इस गांव की आबादी क़रीब 15 हज़ार है.</p>



<p>यहां से गुज़रती हुई गाड़ियों को देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि दो दिन पहले इसी गांव में दो गुटों की लड़ाई में कई राउंड गोलियां चली थीं जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है.</p>



<p>हालांकि इस गोलीकांड की गूंज राजधानी पटना तक पहुंची और गांव की सड़कों पर अभी भी उस ख़ून के निशान मौजूद हैं जो रविवार को बहे थे. पुलिस के मुताबिक़ इस गोलीकांड के दोनों ही पक्ष पीड़ित और अभियुक्त रसूखदार और राजनीति से जुड़े रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="353" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/6-24.png" alt="" class="wp-image-87071" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/6-24.png 640w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/6-24-300x165.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/6-24-150x83.png 150w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p><strong>विवाद का विषय और गोलीबारी</strong></p>



<p>इनमें एक पक्ष उमेश राय का है जो ठेकेदारी का काम करते हैं. उनके भाई बच्चा राय की पत्नी अंजू देवी इस गांव की मुखिया हैं. इसी परिवार पर रविवार को झगड़े के दौरान गोलीबारी करने का आरोप है. जबकि दूसरा पक्ष शेषनाथ राय का है.</p>



<p>शेषनाथ राय के बेटे संजीव उर्फ़ टुनटुन ग्राम पंचायत समिति के सदस्य रह चुके हैं. पुलिस के मुताबिक़ दोनों की पुरानी जान पहचान रही है और दोनों पड़ोसी हैं. इन दोनों के घरों के बीच गंगा किनारे एक विशाल ज़मीन है, जहां गिट्टी और बालू (रेत) के ढेर पड़े हुए हैं.</p>



<p>रविवार का झगड़ा इसी ज़मीन पर शुरू हुआ था. यह ज़मीन संजीव (टुनटुन) के घर के सामने है जबकि उमेश राय के घर के ठीक पीछे है. हमने पूछा कि यह ज़मीन किसकी है तो एक गांव वाले ने बताया कि गंगा (नदी) मैया की है.</p>



<p>पुलिस के मुताबिक़, रविवार इस ज़मीन पर ट्रक से उमेश राय की गिट्टी उतर रही थी और उसी समय संजीव के घर के बाहर बनी पार्किंग से एक वैन निकाली जा रही थी. इसके लिए ट्रक के ड्राइवर को ट्रक हटाने को कहा गया.</p>



<p>यह बात पहले बहस और फिर झगड़े में बदल गई. फिर आरोपों के मुताबिक़, उमेश राय के गुट की तरफ़ से 50 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें दो युवकों रोशन कुमार और गौतम कुमार की मौत रविवार को ही हो गई थी.</p>



<p>इस गोलीकांड में घायल मुनारिक राय की मौत सोमवार को हुई. जबकि दो घायलों का इलाज अब भी चल रहा है. ये सभी लोग एक ही परिवार के हैं.</p>



<p>मुनारिक राय के बेटे अविनाश राय के मुताबिक़, &#8220;जब उमेश राय पांच छह लोगों के साथ गोली चलाने लगे तो पापा घर की तरफ भागे, लेकिन उनको घर के दरवाज़े पर आकर गोली मार दी.&#8221;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="635" height="364" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/7-22.png" alt="" class="wp-image-87072" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/7-22.png 635w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/7-22-300x172.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/7-22-150x86.png 150w" sizes="(max-width: 635px) 100vw, 635px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading" id="पार्किंग-का-मामला-">पार्किंग का मामला</h2>



<p>इस गोलीकांड के बाद ग्रामीणों ने गुस्से में उमेश राय और उनके परिवार के कई मकान, गोदाम, मुखिया के दफ़्तर और गाड़ियों में आग लगा दी और ज़मकर पत्थरबाज़ी भी की.</p>



<p>पटना ग्रामीण के एसपी सैयद इमरान मसूद के मुताबिक़, दोनों ही पक्ष एक ही गांव के हैं. ये लोग पहले साथ में काम करते रहे हैं और राजनीति से भी जुड़े हुए हैं.</p>



<p>उनका कहना है, &#8220;गोलीबारी के लिए 30 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है जिनमें अब तक नौ को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि मुख्य अभियुक्त उमेश राय फ़रार हैं. वहीं उपद्रव और पत्थरबाज़ी करने वाले 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है.&#8221;</p>



<p>एसपी ग्रामीण के मुताबिक़, &#8221;इस झगड़े की तात्कालिक वजह पार्किंग को लेकर विवाद ही था, लेकिन इसके पीछे की कोई वजह है तो उसकी भी जांच की जा रही है.&#8221;</p>



<p>हम एसपी से बात बात कर ही रहे थे कि इसी दौरान कई महिलाएं रोते हुए सड़क से गुज़र रही थीं. ये महिलाएं पीड़ित परिवार की थीं और मृतकों की अंतिम क्रिया के लिए जा रही थीं. उन्हें समझाने और हौसला देने के लिए एसपी ग्रामीण भी उनके पास पहुंच गए.</p>



<p>एक ही गांव के दो परिवारों के बीच महज़ पार्किंग को लेकर इतना बड़ा झगड़ा होना एक असाधारण घटना है. इस गांव में नदी किनारे एक पुलिस थाना &#8216;नदी थाना&#8217; भी है, जो गंगा नदी के आरपार होने वाले वैध-अवैध कारोबार पर नज़र रखता है. इस गोली कांड की असल वजह समझने के लिए हम नदी थाने पहुंचे.</p>



<p>यहां थाने के ठीक पीछे गंगा नदी बह रही है और थाने के अंदर दर्जनों दो पहिया वाहन पड़े हुए सड़ रहे हैं. यहां खड़े एक पुलिस वाले ने बताया कि ये सब शराब के अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने की वजह से ज़ब्त किए गए हैं, इनकी नीलामी की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="636" height="357" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/8-19.png" alt="" class="wp-image-87073" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/8-19.png 636w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/8-19-300x168.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/8-19-150x84.png 150w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/8-19-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 636px) 100vw, 636px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading" id="शराब-का-अवैध-कारोबार">शराब का अवैध कारोबार</h2>



<p>नदी थाने से हमें जानकारी मिली कि जेठुली गांव में रविवार का झगड़ा भले ही पार्किंग विवाद को लेकर शुरू हुआ हो, लेकिन दोनों परिवारों के बीच कुछ समय से तनाव चल रहा था. इन दोनों ही परिवारों में कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है.</p>



<p>घटना में गोली चलाने वाले गुट के उमेश राय, उनके भाई बच्चा राय और रामप्रवेश राय के ऊपर आर्म्स एक्ट यानी ग़ैरक़ानूनी हथियार रखने का मामला दर्ज है.</p>



<p>वहीं गोलीबारी में मारे गए गौतम पर पिछले ही महीने 13 जनवरी को शराब के अवैध कारोबार का मामला दर्ज किया गया था.</p>



<p>जबकि मृतक मुनारिक राय के ऊपर भी 23 अक्टूबर 2022 को अवैध शराब के कारोबार का मामला नदी थाने में दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक़ इलाक़े में अवैध शराब के कारोबार की बहुत-सी घटनाएं होती हैं.</p>



<p>इस मामले में लोगों की गिरफ़्तारी भी होती रहती है और उन पर मुक़दमा भी होता है. इसी कारोबार के सीसीटीवी कैमरे में क़ैद होने का डर होता है, जिसकी चर्चा हमने शुरू में की थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="355" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/9-17.png" alt="" class="wp-image-87075" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/9-17.png 640w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/9-17-300x166.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/9-17-150x83.png 150w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading" id="सीसीटीवी-कैमरे">सीसीटीवी कैमरे</h2>



<p>पुलिस के मुताबिक़ जेठुली में संजीव उर्फ़ टुनटुन भी पिछले मुखिया चुनाव में अपने परिवार को उतारने का मन बना रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने उमेश राय को समर्थन दे दिया. ये दोनों ही परिवार एक ही बिरादरी के हैं.</p>



<p>उस वक़्त दोनों पक्षों के बीच इस बात पर समझौता हुआ था कि मुखिया को मिलने वाले विकास के फ़ंड को ख़र्च करने में संजीव की भी सलाह ली जाएगी.</p>



<p>नदी थाने के मुताबिक़ गांव में मुखिया के डेवलपमेंट फ़ंड से सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं. गांव में प्रवेश करते ही उस व्यक्ति ने बताया था कि वर्तमान मुखिया ने शराब के अवैध कारोबार को रोकने के लिए कुछ महीने पहले ही गांव में कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे.</p>



<p>शराब के अवैध कारोबारी इसका विरोध कर रहे थे और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़ इस गोलीकांड में पीड़ित पक्ष के कई लोग शराब के अवैध कारोबार से जुड़े हुए रहे हैं.</p>



<p>हालांकि उन ग्रामीण के दावों की पुष्टि के लिए दोनों में से किसी भी पक्ष से बीबीसी की बात नहीं हो पाई है. लेकिन पुलिस रिकॉर्ड इस तरफ़ इशारा ज़रूर करते हैं.</p>



<p>पुलिस फ़िलहाल मीडिया को भी पीड़ित परिवार से दूर रखने की कोशिश कर रही है और पीड़ित पक्ष को भी घर के भीतर रहने को कहा जा रहा है, ताकि कहीं भी भीड़ जमा न हो सके.</p>



<p>दरअसल गोलीकांड में घायल तीसरे व्यक्ति की मौत सोमवार को हुई थी और उसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट की थी.</p>



<p>पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सैयद इमरान मसूद के मुताबिक़, इस इलाक़े में अवैध कारोबार से जुड़ी कुछ बातों की जानकारी उन्हें मिली है.</p>



<p>उनका कहना है, &#8220;यह गंगा के किनारे का इलाक़ा है. यहां कुछ अवैध काम होते रहे हैं, हम उसकी जांच कर कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई करेंगे. फ़िलहाल हमारा मुख्य मक़सद गांव के हालात को सामान्य करने का है.&#8221;</p>



<p>बिहार में अप्रैल 2016 से शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. राज्य में शराब पीना, अपने पास रखना या इसका कारोबार पूरी तरह से ग़ैरक़ानूनी है. लेकिन यहां अवैध शराब के कारोबार और सेवन से जुड़े क़रीब पांच लाख़ मामले दर्ज हो चुके हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="644" height="359" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/10-16.png" alt="" class="wp-image-87076" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/10-16.png 644w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/10-16-300x167.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2023/02/10-16-150x84.png 150w" sizes="auto, (max-width: 644px) 100vw, 644px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading" id="ज़हरीली-शराब-से-मौत">ज़हरीली शराब से मौत</h2>



<p>बिहार के कई इलाक़ों में ज़हरीली शराब के पीने से लोगों की मौत हुई है. राजनीतिक तौर पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी अक्सर शराब के अवैध कारोबार में युवाओं के शामिल होने का आरोप लगाती है.</p>



<p>इस तरह के कारोबार में दो पहिया वाहनों और नदियों में नाव के ज़रिए शराब की सप्लाई की ख़बरें भी कई बार सामने आती हैं. राज्य में बीजेपी इसके पीछे पुलिस और प्रशासन पर नाकामी का आरोप भी लगाती है.</p>



<p>वहीं फ़तुहा में हुई इस घटना के बाद इलाक़े में तनाव का माहौल अब भी बना हुआ है. जिस तरह से एक पक्ष ने दूसरे पर एकतरफा गोलीबारी की है, उससे ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में काफ़ी आक्रोश है.</p>



<p>हालांकि भारी पुलिसबल की तैनाती और लगातार निगरानी की वजह से मंगलवार को यहां किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ.</p>
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		<title>साहिल ने 2020 में कर ली थी निक्की से शादी, परिवार और दोस्तों ने हत्या में की मदद: पुलिस</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Feb 2023 07:50:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>साहिल और निक्की ने अक्टूबर 2020 मे ही नोएडा के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी. साहिल का परिवार इस शादी से नाखुश था इसलिए वो निक्की को रास्ते से हटाना चाहते थे. नई दिल्ली: दिल्ली में श्रद्धा वालकर जैसा ही एक और हत्याकांड सामने आया है. अब इस मामले में क्राइम ब्रांच की</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/sahil-married-nikki-in-2020-family-and-friends-helped-in-the-murder-police/">साहिल ने 2020 में कर ली थी निक्की से शादी, परिवार और दोस्तों ने हत्या में की मदद: पुलिस</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
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<p>साहिल और निक्की ने अक्टूबर 2020 मे ही नोएडा के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी. साहिल का परिवार इस शादी से नाखुश था इसलिए वो निक्की को रास्ते से हटाना चाहते थे.</p>



<p><strong>नई दिल्ली: </strong>दिल्ली में श्रद्धा वालकर जैसा ही एक और हत्याकांड सामने आया है. अब इस मामले में क्राइम ब्रांच की तरफ से नई जानकारी सामने आई है. इस मामले में मुख्य आरोपी साहिल गहलोत से पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान लंबी पूछताछ की गई. लगातार पूछताछ के बाद, उसने खुलासा किया कि निक्की उसे दूसरी लड़की से शादी करने से रोक रही थी, क्योंकि दोनों (साहिल और निक्की) ने पहले ही वर्ष 2020 में अपनी शादी कर ली थी. असल में निक्की साहिल की पत्नी थी.  इसलिए निक्की साहिल से कह रही थी कि वह किसी और लड़की के साथ शादी न करें.</p>



<p>इसके बाद, उन्होंने साजिश रची और निक्की को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. जिसके बाद साहिल गहलोत ने निक्की यादव की हत्या कर दी और अन्य सह-आरोपियों&nbsp;को इसके बारे में सूचित किया. जबकि शादी का कार्यक्रम चलता रहा. इस मामले के सभी 5 सह-आरोपियों (पिता, दो चचेरे भाई आशीष और नवीन और दो दोस्त अमर और लोकेश) से पूछताछ की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच चल रही है. इससे पहले खबर आ रही है कि निक्की की हत्या की साजिश रचने में&nbsp;साहिल के साथ उसका परिवार और उसके दोस्त भी शामिल थे. ये खुलासा पुलिस सूत्रों के हवाले से किया गया है.&nbsp;</p>



<p>इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार 5 आरोपियों को शुक्रवार रात 10 बजे कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने सभी आरोपियों की 3 दिन की रिमांड पर भेजा. पुलिस ने इस मामले में आर्य समाज मंदिर के उस मंदिर के पुजारी से भी पूछताछ की जहां निक्की और साहिल की शादी हुई थी. इस शादी में एक दोस्त ने गवाही भी दी थी. साथ ही पुलिस ने उस रूट के सीसीटीवी भी चेक किए. जिस रूट से साहिल निक्की के शव को ले गया था. पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं. जिसमें साहिल की कार दिखाई दे रही है<video autoplay="" muted="muted" preload="true" src="blob:https://ndtv.in/37b4b165-90fd-4aa3-b509-dbdce353e4f1"></p>



<p>साहिल और निक्की ने अक्टूबर 2020 मे ही नोएडा के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी. साहिल का परिवार इस शादी से नाखुश था इसलिए वो निक्की को रास्ते से हटाना चाहते थे. साहिल के परिवार ने दिसंबर 2022 मे उसका रिश्ता तय कर दिया और लकड़ी वालो से बात छिपाई की साहिल पहले से शादीशुदा है और उसने आर्य समाज मंदिर में किसी और लड़की से शादी कर रखी थी. पुलिस ने रिमांड के दौरान साहिल और निक्की के शादी के सर्टिफिकेट भी बरामद किए है. पुलिस सूत्र निक्की की लाश को फ्रिज मे छुपाने मे उसके दोस्त और कजिन भाई ने साथ दिया था. पुलिस के मुताबिक साहिल ने निक्की की हत्या के बाद दोनों के फोन से अपने चैट्स डिलीट कर दिए थे.&nbsp;</p>



<p>पुलिस के मुताबिक, साहिल गहलोत भी निक्की यादव से शादी करना चाहता था, लेकिन उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था. सूत्रों ने बताया कि उसका परिवार चाहता था कि वह उसकी पसंद की लड़की से शादी करे. सूत्रों के अनुसार हत्या के दो दिन बाद जब निक्की यादव के पिता उससे संपर्क नहीं कर पाए, तो उन्होंने गहलोत का नंबर ढूंढकर उससे संपर्क किया. सूत्रों ने बताया कि निक्की यादव के पिता ने उससे दो बार बात की और अपनी बेटी के बारे में पूछताछ की.&nbsp;दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में मितरांव गांव के निवासी साहिल गहलोत ने अपनी महिला साथी की गला घोंट कर हत्या करने के बाद उसके शव को अपने ढाबे के रेफ्रिजरेटर में रख दिया था.</p>



<p>इससे पहले 28 वर्षीय पूनावाला ने 18 मई, 2022 को श्रद्धा वालकर की कथित रूप से गला घोंट कर हत्या कर दी थी और शव को&nbsp;ठिकाने लगाने से पहले करीब 3 सप्ताह तक घर में फ्रीज में रखा था. बाद में कई दिनों में उसने शव के टुकड़ों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा दिया था. आफताब और श्रद्धा की मुलाकात एक डेटिंग साइट के ज़रिये हुई थी, और बाद में वे एक किराये के मकान में एक साथ रहने लगे थे. दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा के पिता की शिकायत मिलने के बाद 10 नवंबर को FIR दर्ज की थी.</p>



<p>श्रद्धा के पिता ने आफताब से श्रद्धा के रिश्तों के बारे में पुलिस को बताया और बेटी की गुमशुदगी में आफताब का हाथ होने का शक ज़ाहिर किया था. तफ्तीश के दौरान, पाया गया कि आफताब और श्रद्धा दिल्ली आकर छतरपुर पहाड़ी इलाके में किराये के एक मकान में रहने लगे थे. पुलिस ने तफ्तीश के दौरान ही आफताब को ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया.&nbsp;इस समय आरोप जेल में बंद हैं.&nbsp;</p>



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		<title>सीलबंद लिफाफे में नहीं लेंगे कोई सुझाव… अडानी केस पर अपनी कमेटी बनाएगा SC</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2023 11:33:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सीजेआई ने कहा है कि हम पूरी पारदर्शिता चाहते हैं, ऐसे में याचिकाकर्ताओं को भी कमेटी के अधिकार क्षेत्र के सुझाव संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए. अडानी ग्रुप-हिंडनबर्ग मामले पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस दौरान एस जी तुषार मेहता ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ से कमेटी के अधिकार क्षेत्र के</p>
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<p>सीजेआई ने कहा है कि हम पूरी पारदर्शिता चाहते हैं, ऐसे में याचिकाकर्ताओं को भी कमेटी के अधिकार क्षेत्र के सुझाव संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए.</p>



<p><strong>अडानी ग्रुप</strong>-हिंडनबर्ग मामले पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस दौरान एस जी तुषार मेहता ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ से कमेटी के अधिकार क्षेत्र के बारे में सुझाव पेश किए. एसजी ने कहा कि बाजार के प्रभावों के मद्देनजर यह सुझाव हैं. एसजी मेहता ने कहा कि अदालत किसी पूर्व जज को अदालत सुझाव पर तामील के लिए नियुक्त कर सकती है, लेकिन बस ऐसा ना हो कि शेयर बाजार पर कोई प्रभाव पड़े. तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट चाहे तो किसी रिटायर्ड जज को मोनिटरिंग के लिए नियुक्त कर सकते हैं.</p>



<p>वहीं सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को आपने कमेटी के अधिकार क्षेत्र के सुझाव संबंधी दस्तावेज नहीं मुहैया कराए हैं. हम पूरी तरह से पारदर्शिता चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत बनाने की खातिर विशेषज्ञों की समिति पर केंद्र के सुझाव को सीलबंद लिफाफे में स्वीकार करने से इनकार किया. पीठ ने कहा, हम सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझावों को स्वीकार नहीं करेंगे, हम पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहते हैं.</p>



<h2 class="wp-block-heading">अपनी कमेटी नियुक्त करेगा सुप्रीम कोर्ट</h2>



<p>सीजेआई ने कहा आप यह दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को भी मुहैया कराएं. एसजी मेहता ने कहा कि हमे कोई दिक्कत नहीं है. वहीं अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपनी कमेटी नियुक्त करेगा. CJI ने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मामले में पूरी तरह पारदर्शिता हो. हम अपनी कमेटी नियुक्त करंगे. वहीं याचिकाकर्ता विशाल तिवारी ने कहा कि कमेटी के मामले में हम सुझाव देना चाहते हैं, ताकि भविष्य में निवेशकों को नुकसान नहीं हो. याचिकाकर्ता ने कहा कि कमेटी की भूमिका बड़े उद्योगपतियों, जो 500 करोड़ रुपए से ऊपर के मामलों में हो.</p>



<p>सीजेआई ने एसजी मेहता से कहा कि हम आपके द्वारा सीलबंद कवर सुझाव को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि हम पूरी पारदर्शिता बनाए रखना चाहते हैं और अगर हम सीलबंद कवर में सुझाव स्वीकार करते हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि हमने इसे दूसरे पक्ष से दूर रखा, क्योंकि लोग सोचेंगे कि यह सरकार द्वारा नियुक्त समिति है.</p>



<h2 class="wp-block-heading">फर्जी कंपनियों और कालेधन को लेकर सवाल</h2>



<p>सीजेआई ने कहा कि यदि हम सुझावों को स्वीकार करते हैं तो हमें इसे दूसरे पक्ष को बताना चाहिए, ताकि पारदर्शिता रहे. इसलिए हम कमेटी बनाएंगे और अपने हिसाब से सदस्य नियुक्त करेंगे. याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने फर्जी कंपनियों और कालेधन को लेकर सवाल उठाया. भूषण ने कहा कि अडानी की कंपनियों पर एलआईसी जैसी सार्वजनिक कंपनियों का पैसा लगा है. एलआईसी ने एक ही कंपनी, जो अडानी की है, उसके 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर में निवेश किया है.</p>



<p>एमएल शर्मा ने कहा कि मैं किसी कंपनी से नहीं जुड़ा हूं. शॉर्ट सेलिंग को लेकर मेरी चिंता है. सीजेआई ने कहा कि आप हमें बताइए शॉर्ट सेलर और शॉर्ट सेलिंग क्या है. आपकी ये जनहित याचिका है बताइए? शर्मा ने बताया बिना शेयर डिलिवरी के बिक्री कर बाजार को क्रेश किया जाता है. फिर मीडिया में खबर उड़ाई जाती है. फिर औने पौने दामों पर अपने ही शेयर वापस खरीद कर ऊंचे दामों पर बाजार में बेचती है.</p>



<p>पीठ की ओर से जस्टिस नरसिम्हा ने पूछा कि क्या मीडिया शॉर्ट सेलर है? शर्मा ने फिर अपनी बात कही लेकिन कोर्ट ने उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया.भूषण ने कहा कि मैं कुछ जजों के नामों को सुझाव देता हूं , जिनकी निष्ठा पर कभी कोई सवाल नहीं उठा. एसजी मेहता ने विरोध जताया. सीजेआई ने याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण से कहा कि हम यह प्रिज्यूम नहीं कर सकते कि रेगुलेटरी फेलियर हुआ है. कुछ याचिकाकर्ताओं ने सुझाव दिया कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा जांच कराई जाए.</p>



<p>एसजी मेहता ने कहा कि सभी अलग अलग मांग कर रहे हैं कि जांच कैसे हो. जबकि हमारी ओर से मुद्दे के आधार पर सुझाव दिए गए हैं. सीजेआई ने कहा कि हम सेबी द्वारा सुझाए गए नाम नहीं स्वीकार कर रहे. क्योंकि लोगों को लगेगा कि यह कमेटी सरकारी है. हमने याचिकाकर्ता द्वारा सुझाए गए नाम भी नहीं स्वीकार किए हैं.</p>



<p>कांग्रेस नेता जया ठाकुर के वकील ने मामले में सुप्रीम कोर्ट के मौजदा जज की निगरानी में जांच की मांग की. कांग्रेस नेता जया ठाकुर के वकील ने गौतम अडानी,राजेश अडानी के खिलाफ जांच की मांग की और कहा गौतम अडानी के भाई को कई बार गिरफ्तार भी किया गया है</p>
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		<title>क्या गिरेंगे पेट्रोल-डीज़ल के दाम&#8230;? : पेट्रोलियम को GST के दायरे में लाने पर वित्तमंत्री ने दिया यह बयान</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Feb 2023 07:20:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सदस्यों के साथ बजट-बाद बैठक में वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर प्रावधान पहले से उपलब्ध है. मेरे पूर्ववर्ती ने इस संदर्भ में विकल्प खुला रखा है.’’ नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सदस्यों के साथ बजट-बाद बैठक में वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर प्रावधान पहले से उपलब्ध है. मेरे पूर्ववर्ती ने इस संदर्भ में विकल्प खुला रखा है.’’</p>



<p><strong>नई दिल्ली: </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि राज्यों के सहमत होने पर पेट्रोलियम उत्पादों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत लाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ साल से सरकार का प्रयास आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के इरादे से सार्वजनिक व्यय में वृद्धि करने का रहा है. उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सदस्यों के साथ बजट-बाद बैठक में वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर प्रावधान पहले से उपलब्ध है. मेरे पूर्ववर्ती ने इस संदर्भ में विकल्प खुला रखा है.&#8221;</p>



<p>पांच पेट्रोलियम उत्पाद&#8230;कच्चा तेल, पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल, प्राकृतिक गैस और विमान ईंधन जीएसटी से बाहर है. इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की तिथि के बारे में माल एवं सेवा कर परिषद को विचार करना है.</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों के सहमत होने के बाद, हम पेट्रोलियम उत्पादों को भी जीएसटी के दायरे में लाएंगे&#8230;.&#8221; जीएसटी परिषद की अगली बैठक 18 फरवरी, 2023 को नई दिल्ली में होगी. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में पूंजीगत व्यय 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये किया है.<video autoplay="" muted="muted" preload="true" src="blob:https://ndtv.in/ab39971c-bb48-44ed-be30-5bcafa2666c5"></video></p>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन-चार साल से, सार्वजनिक पूंजी व्यय पर जोर रहा है. हमने इस बजट में भी इसे जारी रखा है&#8230;यह साफतौर पर कहा जा सकता है कि इस बजट में जोर पूंजी व्यय पर है.&#8221; सीतारमण ने कहा, ‘‘पिछले कई साल में यह पहली बार है जब पूंजीगत व्यय दहाई अंक में पहुंचा है. यह बताता है कि बजट में किसी चीज को महत्व दिया गया है.&#8221;</p>



<p>उन्होंने कहा कि राज्यों को बिजली समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को बढ़ावा देने और एक देश, एक राशन कार्ड लागू करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है</p>



<p><a href="javascript:void(0);"></a></p>



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<p><canvas width="90" height="160"></canvas></p>



<p><video poster="data:image/gif;base64,R0lGODlhAQABAIAAAAAAAP///yH5BAEAAAAALAAAAAABAAEAAAIBRAA7" preload="metadata"></p>
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