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	<title>food &amp; drink Archives - Ad Event Media</title>
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	<title>food &amp; drink Archives - Ad Event Media</title>
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		<title>वेजिटेबल दम बिरयानी.</title>
		<link>https://adeventmedia.com/vegetable-dum-biryani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Apr 2024 09:49:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food & Drinks]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चावल के लिए सामग्री 3/4 कप बासमती चावल (लंबे दाने वाला चावल) 2 हरी इलायची 1 काली इलायची 2 लौंग दालचीनी का 1 छोटा टुकड़ा 1 छोटा तेज पत्ता नमक स्वाद अनुसार 1 छोटा आलू, कटा हुआ 1/2 कप कटी हुई फूलगोभी 1/4 कप कटी हुई गाजर 1/4 कप कटी हुई फ्रेंच बीन्स 1/4 कप</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>चावल के लिए सामग्री 3/4 कप बासमती चावल (लंबे दाने वाला चावल) 2 हरी इलायची 1 काली इलायची 2 लौंग दालचीनी का 1 छोटा टुकड़ा 1 छोटा तेज पत्ता नमक स्वाद अनुसार</p>



<p>1 छोटा आलू, कटा हुआ 1/2 कप कटी हुई फूलगोभी 1/4 कप कटी हुई गाजर 1/4 कप कटी हुई फ्रेंच बीन्स 1/4 कप हरी मटर (ताजा या जमी हुई) 1 मध्यम प्याज, कटा हुआ 1-2 हरी मिर्च, बीज निकालकर लंबाई में काट लें 1 चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट 4-5 काली मिर्च 1 हरी इलायची 1/2 चम्मच जीरा 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1/8 चम्मच हल्दी पाउडर 1 चम्मच जीरा-धनिया पाउडर 1/4 चम्मच गरम मसाला पाउडर 1/2 कप दही (फेटा हुआ) 2 बड़े चम्मच धनिया पत्ती 3 बड़े चम्मच तेल नमक स्वाद अनुसार </p>



<p></p>
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		<item>
		<title>इम्युनिटी बढ़ाने और विटामिन-सी के लिए खाएं कीवी</title>
		<link>https://adeventmedia.com/eat-kiwi-to-increase-immunity-and-vitamin-c/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Apr 2024 10:45:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food & Drinks]]></category>
		<category><![CDATA[Life Style]]></category>
		<category><![CDATA[#adeventmedia]]></category>
		<category><![CDATA[aemglimpse]]></category>
		<category><![CDATA[Eat Kiwi to increase immunity and Vitamin C]]></category>
		<category><![CDATA[food & drink]]></category>
		<category><![CDATA[life style]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इम्युनिटी मजबूत मतलब संक्रामक रोगों का खतरा कम। यही कारण है कि कोरोना महामारी के दौरान सभी लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जा रही थी। वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण सतत प्रक्रिया है यानी कि इसके लिए आपको नियमित रूप से प्रयास करते रहने की जरूरत होती</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>इम्युनिटी मजबूत मतलब संक्रामक रोगों का खतरा कम। यही कारण है कि कोरोना महामारी के दौरान सभी लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जा रही थी। वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण सतत प्रक्रिया है यानी कि इसके लिए आपको नियमित रूप से प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने से इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा कुछ प्रकार के फलों के सेवन को इम्युनिटी सिस्टम के लिए काफी लाभप्रद माना जाता रहा है। कीवी ऐसा ही एक फल है, जो विटामिन-सी जैसे प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत तो है ही साथ ही इसमें प्लांट बेस्ड पोषक तत्वों की भी भरपूर मात्रा होती है जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्लांट बेस्ड पोषक तत्वों का है स्रोत</h2>



<p>एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व विटामिन-सी और विटामिन-ई के अलावा, कीवी को प्लांट बेस्ड पोषक तत्वों का भी उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें कैरोटीनॉयड भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, ये तत्व हृदय रोग सहित कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि कैरोटीनॉयड, विटामिन सी और विटामिन-ई वाली चीजें हृदय रोग, कैंसर और समय से पहले मृत्यु का कारण बनने वाली बीमारियों से आपको बचाने में मददगार हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">विटामिन-सी से है भरपूर</h3>



<p>कीवी में विटामिन-सी की उच्च मात्रा में होती है, ये पोषक तत्व आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करता है और शरीर में कई अन्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि कीवी खाने से आपकी इम्युनिटी काफी मजबूत होती है। लो विटामिन सी स्तर वाले 15 पुरुषों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला कि 6 सप्ताह तक प्रति दिन एक कीवी खाना स्वस्थ विटामिन सी का स्तर बनाने में पर्याप्त था। विटामिन सी ऊर्जा पैदा करने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने, आपकी त्वचा को बेहतरीन दिखने के लिए आवश्यक पोषक तत्व देने और आयरन अवशोषण में सुधार करने के लिए जाना जाता है। यह आवश्यक पोषक तत्व उन कई कारणों में से एक है जिनकी वजह से कीवी फल स्वस्थ जीवन जीने का एक पौष्टिक और स्वादिष्ट हिस्सा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">न्यूट्रोफिल भी बढ़ाता है</h3>



<p>न्यूट्रोफिल एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग है। यह कोशिकाएं संक्रमण से लडऩे में मदद करती हैं। यदि रक्त परीक्षण में न्यूट्रोफिल की संख्या में उतार-चढ़ाव आता है तो इसका अर्थ यह है कि आपके शरीर में कोई संक्रमण है। प्रतिरक्षा कार्य के लिए शरीर में विटामिन-सी का स्तर ठीक बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अध्ययन से पता चलता है कि 4 सप्ताह तक प्रतिदिन दो कीवी खाने से विटामिन-सी का स्तर बढ़ सकता है और ये लो विटामिन सी स्तर वाले पुरुषों में न्यूट्रोफिल नामक प्रतिरक्षा कोशिकाओं के कार्य में भी सुधार करता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">फायदे</h3>



<p>अध्ययनों में भी पाया गया है कि कीवी अत्यधिक पौष्टिक होने के साथ विभिन्न प्रकार के विटामिन्स-खनिजों और फाइबर से भरपूर होते हैं। इनमें विशेष रूप से विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो प्रतिरक्षा स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। विटामिन-सी प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है जो शरीर को कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकता है। सभी लोगों को रोजाना आहार में एक कीवी जरूर खाना चाहिए।</p>
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		<item>
		<title>असंतुलित है उत्तर भारतीय आहार, बना सकता है गंभीर रोगों का शिकार</title>
		<link>https://adeventmedia.com/north-indian-diet-is-unbalanced-can-make-one-a-victim-of-serious-diseases/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Apr 2024 10:45:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food & Drinks]]></category>
		<category><![CDATA[#adeventmedia]]></category>
		<category><![CDATA[aemglimpse]]></category>
		<category><![CDATA[can make one a victim of serious diseases]]></category>
		<category><![CDATA[food & drink]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[North Indian diet is unbalanced]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तर भारतीय आहार में औसतन नमक अधिक और पोटेशियम व प्रोटीन की मात्रा कम होती है। इससे क्रोनिक किडनी रोग, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है।   उत्तर भारत के राज्यों में जो आहार खाया जाता है अमूमन उसे पूरे देश में पसंद किया जाता है हालांकि, एक नया और ताजा अध्ययन</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>उत्तर भारतीय आहार में औसतन नमक अधिक और पोटेशियम व प्रोटीन की मात्रा कम होती है। इससे क्रोनिक किडनी रोग, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है।  </p>



<p>उत्तर भारत के राज्यों में जो आहार खाया जाता है अमूमन उसे पूरे देश में पसंद किया जाता है हालांकि, एक नया और ताजा अध्ययन यह बताता है कि यह सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। उत्तर भारतीय व्यंजनों में न सिर्फ नमक की मात्रा अधिक होती है बल्कि यह जरूरी मात्रा में पोटेशियम और प्रोटीन भी नहीं प्रदान करता है।</p>



<p>यह अध्ययन पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ,&nbsp;इंडिया की ओर से किया गया है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर डाला गया है कि असंतुलनों से क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी), हृदय संबंधी बीमारियां और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियां हो सकती हैं।</p>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक महिलाएं विशेष रूप से जोखिम में हो सकती हैं क्योंकि अध्ययन से पता चला है, उनका पोषण सेवन पुरुषों की तुलना में कम है।</p>



<p>इस अध्ययन में 400 वयस्क प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें स्वस्थ वयस्क और प्रारंभिक चरण के सीकेडी वाले लोग शामिल थे। वैज्ञानिकों ने जर्नल फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित रिपोर्ट में लिखा है, &#8220;इनमें अलग-अलग बॉडी मास इंडेक्स, रक्तचाप और पेट के मोटापे वाले पुरुष और महिलाएं शामिल थे।&#8221;</p>



<p>शोधकर्ताओं ने दस्तावेजीकरण में यह दर्ज किया कि प्रतिभागी क्या खाते हैं और अधिक वैज्ञानिक रूप से मजबूत आकलन के लिए उनके 24 घंटे के यरीन सैंपल का भी विश्लेषण किया।&nbsp;</p>



<p>उन्होंने पाया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 2 मिलीग्राम की सीमा की तुलना में अधिकांश प्रतिभागियों (65 प्रतिशत) में सोडियम का स्तर प्रतिदिन 8 मिलीग्राम तक अधिक था। शोधकर्ताओं ने कहा कि 5 मिलीग्राम नमक का सेवन करके डब्ल्यूएचओ की सीमा प्राप्त की जा सकती है।</p>



<p>दूसरी ओर रिपोर्ट के मुख्य शोधकर्ता और चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर के एक्सपरीमेंटल मेडिसिन एंड बॉयोटेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर अशोक यादव के अनुसार, अधिकांश लोगों का पोटेशियम का सेवन डब्ल्यूएचओ की सिफारिश 3.5 ग्राम से कम था, और प्रोटीन का स्तर भी &#8220;बहुत कम&#8221; पाया गया।</p>



<p>निष्कर्षों को एक साथ देखने पर एक गंभीर खतरा सामने आता है: शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जिस आहार में नमक की मात्रा अधिक और पोटेशियम की मात्रा कम होती है, वह लोगों को उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी बीमारियों और सीकेडी के विकास के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।</p>



<p>रिपोर्ट के प्रमुख लेखक यादव के मुताबिक कम प्रोटीन वाला आहार मांसपेशियों की बर्बादी का कारण बन सकता है क्योंकि पोषक तत्व शरीर का निर्माण&nbsp;करता है। यादव ने कहा, &#8220;कम आहार विविधता वाला भोजन असंतुलन और अस्वास्थ्यकर होता है।&#8221;</p>



<p>डब्ल्यूएचओ की सिफारिश है कि गुर्दे की बीमारियों और उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी स्थितियों वाले लोगों को अपने सोडियम सेवन को प्रतिदिन 1.2 ग्राम तक सीमित रखना चाहिए। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने बताया कि सूखे मेवे (नट्स), हरी सब्जियां और कीवी व केले जैसे फल पोटेशियम के समृद्ध स्रोत हैं और हमारे आहार को संतुलित करने के लिए इन्हें शामिल किया जाना चाहिए।</p>



<p>उन्होंने इस बात पर जोर डाला कि व्यवस्थागत परिवर्तन भी आवश्यक हैं। इसके लिए, अधिक जानकारी को प्रमुखता से प्रदान करने के लिए खाद्य पैकेजिंग पर लेबलिंग में सुधार किया जाना चाहिए; प्रसंस्कृत भोजन में सोडियम की मात्रा कम की जानी चाहिए और लोगों को इन आहार असंतुलनों के बारे में और एक स्वस्थ आहार क्या होना चाहिए, इसके बारे में सूचित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।</p>



<p>शोधकर्ताओं ने यह वकालत की है कि वैयक्तिकृत परिवर्तन भी महत्वपूर्ण हैं और पोषण अंतर को कम करने के लिए इसे अपनाया जाना चाहिए। द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ,&nbsp;इंडिया के कार्यकारी निदेशक विवेकानंद झा के अनुसार इसके लिए जन जागरूकता अभियान, व्यक्तिगत परामर्श और खाद्य नीति सुधार महत्वपूर्ण उपकरण हैं।</p>



<p>शोधकर्ताओं ने कहा कि आम तौर पर आबादी को अधिक फल और सब्जियां खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।</p>



<p></p>
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		<item>
		<title>मसाला सोडा शिकंजी</title>
		<link>https://adeventmedia.com/masala-soda-shikanji/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Apr 2024 11:55:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food & Drinks]]></category>
		<category><![CDATA[#adeventmedia]]></category>
		<category><![CDATA[aemglimpse]]></category>
		<category><![CDATA[food & drink]]></category>
		<category><![CDATA[Masala Soda Shikanji]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सामग्री 100 ग्राम चीनी 2 नींबू 1 चम्मच&#160;रोस्टेड जीरा आवश्यकतानुसार&#160;आइस आवश्यकतानुसार&#160;सोडा वाटर 1/4 चम्मच Black Salt कुकिंग निर्देश 1पहले पानी में चीनी घोल लें फिर नींबू ने चोर ले। 2उसके बाद जीरा काला नमक डालें स्वाद अनुसार और उसके बाद आइस क्रिस्टल डालें। 3फिर बाद में वाटर सोडा मिलाकर मिक्स करें और गिलास में डालकर सर्व करें। 4लोजी</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">सामग्री</h2>



<ol class="wp-block-list">
<li>100 ग्राम चीनी</li>



<li>2 नींबू</li>



<li>1 चम्मच&nbsp;रोस्टेड जीरा</li>



<li>आवश्यकतानुसार&nbsp;आइस</li>



<li>आवश्यकतानुसार&nbsp;सोडा वाटर</li>



<li>1/4 चम्मच Black Salt</li>
</ol>



<h2 class="wp-block-heading">कुकिंग निर्देश</h2>



<ol class="wp-block-list">
<li>1पहले पानी में चीनी घोल लें फिर नींबू ने चोर ले।</li>



<li>2उसके बाद जीरा काला नमक डालें स्वाद अनुसार और उसके बाद आइस क्रिस्टल डालें।</li>



<li>3फिर बाद में वाटर सोडा मिलाकर मिक्स करें और गिलास में डालकर सर्व करें।</li>



<li>4लोजी तैयार है हमारी मसाला सोडा शिकंजी पिए और पिलाएं।</li>
</ol>
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			</item>
		<item>
		<title>Nestle : अपने बच्चे को दे रहे नेस्ले के फूड प्रोडक्ट्स तो हो जाएं सावधान, भारत सरकार ने दिए जांच के आदेश</title>
		<link>https://adeventmedia.com/be-careful-if-you-are-giving-nestle-food-products-to-your-child-government-of-india-has-ordered-an-investigation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AdEvent Media]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 12:36:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food & Drinks]]></category>
		<category><![CDATA[Social]]></category>
		<category><![CDATA[#adeventmedia]]></category>
		<category><![CDATA[aemglimpse]]></category>
		<category><![CDATA[Be careful if you are giving Nestle food products to your child]]></category>
		<category><![CDATA[food & drink]]></category>
		<category><![CDATA[Government of India has ordered an investigation]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Nestle : अगर आप अपने बच्चों को नेस्ले के फूड प्रोडक्ट्स &#8211; मिल्क, सेरेलेक आदि खिला रहे हैं, तो सावधान हो जाइये, क्योंकि एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। नेस्ले, भारत सहित निम्न और मध्यम आय वाले कई देशों में बच्चों को दिए जाने वाले सेरेलेक और दूध में मिलावट करता है, जो बच्चों</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-medium-font-size"><strong>Nestle : </strong>अगर आप अपने बच्चों को नेस्ले के फूड प्रोडक्ट्स &#8211; मिल्क, सेरेलेक आदि खिला रहे हैं, तो सावधान हो जाइये, क्योंकि एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। नेस्ले, भारत सहित निम्न और मध्यम आय वाले कई देशों में बच्चों को दिए जाने वाले सेरेलेक और दूध में मिलावट करता है, जो बच्चों के लिए खतरनाक है। यह खुलासा स्विस जांच एजेंसी &#8216;पब्लिक आई&#8217; और इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क (आईबीएफएएन) ने किया है। वहीं, इस मामले को लेकर भारत सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कहा कि यदि फूड प्रोडक्टस मे मिलावट पाई गई तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।<br><br><strong>150 उत्पादों की जांच की गई</strong><br><br>&#8216;पब्लिक आई&#8217; और &#8216;आईबीएफएएन&#8217; ने कम आय वाले देशों में नेस्ले कम्पनी द्वारा बेचे गए लगभग 150 उत्पादों की जांच की है। जांच में पता चला कि नेस्ले के लगभग 150 उत्पादों की जांच की है। जांच में पता चला कि नेस्ले के लगभग सभी उत्पादों में अतिरिक्त चीनी की मिलावट की जाती है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फिलीपींस में बेचे जाने वाले नेस्ले के फूड प्रोडक्ट्स में चीनी की सबसे अधिक मात्रा &#8211; 7.3 ग्राम पाई गई है। एक से तीन साल तक के बच्चों के लिए बेचे गए मिल्क उत्पाद में भी अधिकांश चीनी पाई गई है, जिसकी मात्रा लगभग दो ग्राम है। वहीं, स्विट्जरलैंड और मुख्य यूरोपीय बाजारों में नेस्ले के उत्पाद बिना चीनी मिलाए बेचे जाते हैं।<br><br><strong>दोहरा मानदंड अपनाना बंद करे नेस्ले</strong><br><br>इसके अलावा, पब्लिक आई और आईबीएफएएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्विस कंपनी नेस्ले पेशेवर चिकित्सकों और प्रभावशाली लोगों के माध्यम से आक्रामक विज्ञापन करती है, जिससे माता-पिता उसके फूड प्रोडक्ट्स को लेकर आकर्षित होते हैं।जांच एजेंसी ने नेस्ले से कहा कि वह दोहरे मानक को समाप्त कर दुनिया के हर हिस्से में शिशुओं के लिए बेचने वाले उत्पादों में चीनी मिलाना बंद करे।<br><br>बाल रोग विशेषज्ञों ने भी नेस्ले कम्पनी द्वारा अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों की कड़ी निंदा की है।उन्होंने कहा कि फूड प्रोडक्ट्स में चीनी की अधिक मात्रा से बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इसके साथ उनमें चीनी की लत लग जाती है, जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सही नहीं है।<br><br><strong>डब्लूएचओ ने दी कड़ी चेतावनी</strong><br><br>वहीं, डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि बच्चों को जीवन की शुरुआत में ही अतिरिक्त चीनी देने से उन पर मोटापा और अन्य बीमारियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, डब्लूएचओ वर्ष 2022 से ही तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बाजारों में उपलब्ध खाद्य उत्पादों में अतिरिक्त चीनी पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है। जबकि विकासशील देशों यानी निम्न और मध्यम आय वाले देशों में नियमों की कमजोरी का फायदा उठाते हुए नेस्ले अपने अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थों को बेच रही है।<br><br></p>
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