<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर Archives - Ad Event Media</title>
	<atom:link href="https://adeventmedia.com/tag/15-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%97%e0%a5%8c/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://adeventmedia.com/tag/15-अप्रैल-को-मनाई-जाएगी-गणगौ/</link>
	<description>Know the world</description>
	<lastBuildDate>Mon, 12 Apr 2021 06:36:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2024/11/cropped-AEM-32x32.png</url>
	<title>15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर Archives - Ad Event Media</title>
	<link>https://adeventmedia.com/tag/15-अप्रैल-को-मनाई-जाएगी-गणगौ/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, क्यों पति से छुपकर व्रत रखती हैं पत्नियां..जाने</title>
		<link>https://adeventmedia.com/gangaur-will-be-celebrated-on-april-15-why-wives-keep-a-fast-in-hiding-from-their-husbands/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AEM 'Web_Wing']]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Apr 2021 05:40:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर]]></category>
		<category><![CDATA[क्यों पति से छुपकर व्रत रखती हैं पत्नियां..जाने]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://adeventmedia.com/?p=31284</guid>

					<description><![CDATA[<p>हर साल गणगौर पूजा की जाती है। आप सभी ने इसके बारे में सुना या पढ़ा होगा। वैसे यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। सबसे खास ये त्योहार राजस्थान और मध्यप्रदेश में मनाया जाता है। कहा जाता है गणगौर व्रत के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/gangaur-will-be-celebrated-on-april-15-why-wives-keep-a-fast-in-hiding-from-their-husbands/">15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, क्यों पति से छुपकर व्रत रखती हैं पत्नियां..जाने</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हर साल गणगौर पूजा की जाती है। आप सभी ने इसके बारे में सुना या पढ़ा होगा। वैसे यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। सबसे खास ये त्योहार राजस्थान और मध्यप्रदेश में मनाया जाता है। कहा जाता है गणगौर व्रत के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। यह पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वैसे इस बार गणगौर का त्योहार 15 अप्रैल को मनाया जाएगा। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस दिन क्यों रखा जाता है पतियों से गुप्त। जी दरअसल गणगौर का व्रत महिलाएं अपने पति से छिपाकर करती हैं। केवल यही नहीं पूजा में चढ़ाया जाने वाला प्रसाद भी महिलाएं अपने पति को नहीं देती हैं। कहा जाता है इस दिन महिलाएं माता पार्वती को गणगौर माता के रूप में पूजती हैं। वहीं इस दिन कुंवारी लड़कियां भी अच्छे पति की कामना के लिए इस व्रत को रखती हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="544" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv-1024x544.png" alt="" class="wp-image-31286" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv-1024x544.png 1024w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv-300x159.png 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv-150x80.png 150w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv-768x408.png 768w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/edgdgbv.png 1270w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>क्यों रखा जाता है पतियों से गुप्त-</strong>&nbsp;कथा के अनुसार भगवान शिव माता पार्वती और नारद जी एक गांव में जाते है। जैसे ही वहां के लोगों को ये बात पता चलती है। वहा के लोग महादेव और माता पार्वती के स्वागत में पकवान बनाना शुरू कर देते हैं। वहीं गरीब घर की महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का स्वागत श्रद्धा सुमन अर्पित करके करती हैं।सच्ची आस्था देख माता पार्वती महिलाओं को सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद देती है। जब कुलीन घर की महिलाएं मिष्ठान लेकर आती हैं तो भगवान शिव कहते पार्वती अब आप इन्हें क्या आशीर्वाद देंगी। माता पार्वती ने कहा जिसने भी सचे दिल से मेरी आरधना की है उस पर सुहागिन रस की छिटे पड़ेगी। तब पार्वती ने अपने रक्त के छिंटे बिखेरे जो उचित्र पात्र पड़ें। वो सौभाग्यशाली हुईं। लोभ और लालच की मनसा से आई महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद माता पार्वती भगवान शिव से अनुमति लेकर नदी किनारे स्नान करने जाती है। माता पार्वती नदी के किनारे बालू की मिट्टी से भगवान शिव की प्रतिमा बनाकर पूजा की और प्रसाद में बालू से बनी चीजों का भोग लगाती है।</p>



<p>जब माता पार्वती पहुंचती है तो शिव जी पूछते हैं कि आपको इतनी देर कहा हो गई। इस पर माता पार्वती कहती है कि रास्ते में मायके वाले मिल गए थे और भाभी ने दूध भात बनाया था। वही खाने लगी तो समय लग गया। भगवान शिव पहले से ही सब जानते थे। उन्होंने कहा चलो मैं भी चलता हूं। आप तो खाकर आ गई। मैं भी दूध भात का स्वाद ले लेता हूं। अपनी बात को सच साबित करने के लिए अपनी माया से एक महल का निर्माण करती हैं और भगवान शिव का उसमें स्वागत स्तकार होता है। फिर वापस लौटते समय भगवान शिव कहते हैं मैं अपनी रूदाक्ष की माला भूल आया हूं। माता पार्वती ने कहा कि मैं ले आती हूं। भगवान शिव ने कहा नारदजी लेकर आ जाएंगे। जब वहां नारद जी पहुंचे तो देखा कोई महल नहीं है और उनकी माला एक पेड़ पर लटकी थी। नारद ने महादेव को सभी बात बताई। उन्होंने कहा ये देवी पार्वती की माया की रचना थी। उन्होंने अपनी पूजा को गुप्त रखने के लिए ये सब किया था। मैंने तुम्हें यही दिखाने के लिए वापस भेजा था।</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/gangaur-will-be-celebrated-on-april-15-why-wives-keep-a-fast-in-hiding-from-their-husbands/">15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, क्यों पति से छुपकर व्रत रखती हैं पत्नियां..जाने</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, जानें आसान पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त</title>
		<link>https://adeventmedia.com/15-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%97%e0%a5%8c/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[AEM 'Web_Wing']]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Apr 2021 04:14:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर]]></category>
		<category><![CDATA[जानें आसान पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://adeventmedia.com/?p=30865</guid>

					<description><![CDATA[<p>वर्ष 2021 में गणगौर व्रत 15 अप्रैल को है। गणगौर लोकपर्व होने के साथ-साथ रंगबिरंगी संस्कृति का अनूठा उत्सव है। चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जानेवाला यह पर्व विशेष तौर पर केवल महिलाओं के लिए ही होता है। यह व्रत मुख्‍यत: राजस्‍थान का पर्व है जो प्रत्‍येक वर्ष चैत्र मास की शुक्‍ल पक्ष की तृतीया को मनाया</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/15-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%97%e0%a5%8c/">15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, जानें आसान पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वर्ष 2021 में गणगौर व्रत 15 अप्रैल को है। गणगौर लोकपर्व होने के साथ-साथ रंगबिरंगी संस्कृति का अनूठा उत्सव है। चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जानेवाला यह पर्व विशेष तौर पर केवल महिलाओं के लिए ही होता है। यह व्रत मुख्&#x200d;यत: राजस्&#x200d;थान का पर्व है जो प्रत्&#x200d;येक वर्ष चैत्र मास की शुक्&#x200d;ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है।शिव-पार्वती हमारे आराध्य हैं, पूज्य हैं। इस दिन भगवान शिव ने पार्वतीजी को तथा पार्वतीजी ने समस्त स्त्री-समाज को सौभाग्य का वरदान दिया था। इस दिन सुहागिनें दोपहर तक व्रत रखती हैं। महिलाओं नाच-गाकर, पूजा-पाठ कर हर्षोल्लास से यह त्योहार मनाती हैं। हिन्दू समाज में चैत्र शुक्ल तृतीया का दिन गणगौर पर्व के रूप में मनाया जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="700" height="500" src="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/sdxsd.jpg" alt="" class="wp-image-30867" srcset="https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/sdxsd.jpg 700w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/sdxsd-300x214.jpg 300w, https://adeventmedia.com/wp-content/uploads/2021/04/sdxsd-150x107.jpg 150w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure>



<p><strong>आइए जानें गणगौर व्रत कैसे करें :-</strong> </p>



<p>* चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को प्रातः स्नान करके गीले वस्त्रों में ही रहकर घर के ही किसी पवित्र स्थान पर लकड़ी की बनी टोकरी में जवारे बोना चाहिए। </p>



<p>* इस दिन से विसर्जन तक व्रती को एकासना (एक समय भोजन) रखना चाहिए।</p>



<p> * इन जवारों को ही देवी गौरी और शिव या ईसर का रूप माना जाता है। </p>



<p>* जब तक गौरीजी का विसर्जन नहीं हो जाता (करीब आठ दिन) तब तक प्रतिदिन दोनों समय गौरीजी की विधि-विधान से पूजा कर उन्हें भोग लगाना चाहिए।</p>



<p> * गौरीजी की इस स्थापना पर सुहाग की वस्तुएं जैसे कांच की चूड़ियां, सिंदूर, महावर, मेहंदी, टीका, बिंदी, कंघी, शीशा, काजल आदि चढ़ाई जाती हैं।</p>



<p> * सुहाग की सामग्री को चंदन, अक्षत, धूप-दीप, नैवेद्यादि से विधिपूर्वक पूजन कर गौरी को अर्पण किया जाता है। * इसके पश्चात गौरीजी को भोग लगाया जाता है।</p>



<p> * भोग के बाद गौरीजी की कथा कही जाती है। * कथा सुनने के बाद गौरीजी पर चढ़ाए हुए सिंदूर से विवाहित स्त्रियों को अपनी मांग भरनी चाहिए। * कुंआरी कन्याओं को चाहिए कि वे गौरीजी को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।</p>



<p> * चैत्र शुक्ल द्वितीया (सिंजारे) को गौरीजी को किसी नदी, तालाब या सरोवर पर ले जाकर उन्हें स्नान कराएं। </p>



<p>* चैत्र शुक्ल तृतीया को भी गौरी-शिव को स्नान कराकर, उन्हें सुंदर वस्त्राभूषण पहनाकर डोल या पालने में बिठाएं। </p>



<p>* इसी दिन शाम को गाजे-बाजे से नाचते-गाते हुए महिलाएं और पुरुष भी एक समारोह या एक शोभायात्रा के रूप में गौरी-शिव को नदी, तालाब या सरोवर पर ले जाकर विसर्जित करें।</p>



<p> * इसी दिन शाम को उपवास भी छोड़ा जाता है। </p>



<p><strong>गणगौर तीज 2021- पूजन के शुभ मुहूर्त</strong> </p>



<p>गणगौर होलिका दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक यानी 17 दिनों तक चलने वाला पर्व है। गौरी पूजा का आरंभ 29 मार्च 2021 (सोमवार) से शुरू हो गया है तथा गौरी पूजा की समाप्ति 15 अप्रैल (गुरुवार) को होगी। इस दौरान गणगौर तीज पूजा का मुख्य पर्व 15 अप्रैल 2021, (गुरुवार) को मनाया जाएगा। इस वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि का आरंभ 14 अप्रैल को दोपहर 12.47 मिनट से होगा तथा 15 अप्रैल को शाम 03.27 मिनट चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि समाप्त होगी। गणगौर पूजा शुभ मुहूर्त की अवधि कुल 35 मिनट होगी, जो कि 15 अप्रैल को सुबह 05.17 मिनट से 06.52 मिनट तक रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://adeventmedia.com/15-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%97%e0%a5%8c/">15 अप्रैल को मनाई जाएगी गणगौर, जानें आसान पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त</a> appeared first on <a href="https://adeventmedia.com">Ad Event Media</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: adeventmedia.com @ 2026-05-24 22:47:33 by W3 Total Cache
-->