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रबर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के तहत मोबाइल स्किल वैन मेगा ड्राइव का लांच हुआ

पूर्व कौशल को मान्यता (RPL) देने के लिए डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने लखनऊ से मेगा ड्राइव का लांच किया

HIGHLIGHTS:
  • कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री ने रबर सेक्टर स्किल काउंसिल की सामर्थ परियोजना के तहत मोबाइल स्किल वैन मेगा ड्राइव की पहल की
  • देश भर में एक लाख युवाओं की री-स्किलिंग का बड़ा लक्ष्य, 35000 का प्रमाणीकरण अब तक; 40,000 टायर फिटर उत्तर प्रदेश से स्किल किये जायेंगे

लखनऊ, 28 दिसंबर, 2019: समावेशी आर्थिक विकास के माध्यम से भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने के लिए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने आज पुन: कौशल विकास के अंतर्गत पूर्व शिक्षण को मान्यता (Recognition of Prior Learning) कार्यक्रम के तहत एक मेगा ड्राइव लॉन्च किया। मार्च 2020 तक उत्तर प्रदेश से 40,000 टायर- फिटर को प्रमाणित करने का सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य रक्खा ।

मेगा ड्राइव में 18 मोबाइल स्किल वैन को हरी झंडी दिखा कर, डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय, माननीय मंत्री, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार, ने रवाना किया। कार्यक्रम में श्री कपिल देव अग्रवाल, व्यावसायिक परिक्षण एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ऊ. प्र . सरकार एवं श्री अशोक कटारिया, परिवहन एवं संसदीय कार्यभार, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),  ऊ. प्र . सरकार सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, ऑटोमोटिव टायर

मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ATMA) और रबर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (RSDC) के अधिकारी शामिल हुए । यह 18 मोबाइल स्किल वैन राज्य के विभिन्न जिलों को कवर करेंगी ।

रबर सेक्टर स्किल कॉउन्सिल की सामर्थ रीस्किलिंग परियोजना, मोबाइल वैन द्वारा ऑटो मैकेनिकों और खासकर टायर-फिटर भाइयों को, जिनके पास औपचारिक प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचने का जरिया नहीं है, उनके लिए अत्यंत ही लाभदायक है । कार्यक्रम के तहत, फिटरों को पहिया संरेखण और टायर बदलने के दौरान होने वाले स्वास्थ्य और सुरक्षा के तरीकों में सर्वोत्तम स्टैण्डर्ड को लागू करने और शिक्षित करना सिखाया जायेगा।

अब तक करीब 35000 टायर फिटर का प्रशिक्षण और प्रमीणाकरण, स्किल इंडिया कार्यक्रम के प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के Recognition of Prior Learning program के तहत किया जा चुका है. इसके अंतर्गत 19 राज्यों के 119 जिलों को कवर किया गया है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2020 तक उत्तर प्रदेश से अकेले ही 40,000 टायर-फिटर का कौशल प्रमाणीकरण करना है।

माननीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. पाण्डेय ने कहा, “रि-स्किलिंग और अप-स्किलिंग, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारी वर्कफोर्स को आज के रोज़गार के हिसाब से और अवसर मिलें और वे बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहें। RPL किसी व्यक्ति के पिछले शिक्षण और कार्य अनुभव को प्रमाणित मानकों के अनुसार पहचानता है और प्रमाणित करता है। यह एक सतत कार्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए उद्योग के असंगठित क्षेत्र को औपचारिक बनाने का प्रयास है। हम अपने युवाओं को नौकरी खोजने और रोजगार बनाए रखने के लिए आवश्यक मजबूत और प्रासंगिक नौकरी कौशल हासिल करने के लिए रोजगार की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ”

“टायर मैकेनिक भारतीय राजमार्गों की लंबाई और चौड़ाई को कवर करते हैं और सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टायर की फिटिंग, विशेष रूप से कमर्शियल टायर, एक कौशल-आधारित नौकरी है जिसमें औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। हमारी मोबाइल वैन राज्य राजमार्गों, गांवों और कस्बों में घूमेंगी। टायर की सर्विसिंग और रखरखाव में आवश्यक कौशल और सड़क सुरक्षा के साथ उनके सह-संबंध के बारे में जागरूकता बढ़ाने का काम करेगी,” डॉ. पाण्डेय ने कहा ।

हरी झंडी दिखने के बाद के बाद, पूर्व शिक्षण (आरपीएल) प्रशिक्षण की मान्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र और मैकेनिक किट वितरित किए गए। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ATMA) ने RSDC के साथ मिलकर टायर फिटर के उत्थान के लिए सहयोग किया है। RSDC ने कौशल श्रमिकों को रबर प्लांटेशन और कम्प्रेशन मोल्डिंग ऑपरेटर, टायर फिटर, लेटेक्स हार्वेस्ट टेक्नीशियन इत्यादि के रूप में प्रशिक्षित करने का कार्य संभाला है।

समग्र सड़क सुरक्षा जागरूकता ड्राइविंग के लिए टायर फिटर की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, चेयरमैन आरएसडीसी, श्री विनोद साइमन ने कहा, “रबर क्षेत्र में उद्योग के लिए तैयार प्रतिभाओं की सख्त जरूरत है। टायर सेवाओं और टायर रखरखाव सड़क सुरक्षा और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस पहल के माध्यम से हमारा लक्ष्य कौशल भारत पहल को सफल बनाने की दिशा में क्षेत्र की पूरी क्षमता को पहचानना है। ”

कौशल विकास और उद्यमिता RSDC रबर क्षेत्र के कौशल विकास और प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है। RSDC की सामर्थ परियोजना को MSDE द्वारा विनिर्माण, प्राकृतिक रबड़ वृक्षारोपण और टायर सेवा और रखरखाव खंडों सहित रबर क्षेत्र में समग्र 10 लाख कार्यबल को फिर से भरने के लिए मंजूरी दी गई थी।

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