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भारत छोड़ो आंदोलन की 78 वीं वर्षगांठ:राहुल गांधी ने दिया अन्याय के खिलाफ लड़ने का संदेश

भारत छोड़ो आंदोलन एक ऐसा आंदोलन था जिसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को पूरी तरह समाप्त करना था।

भारत देश आज भारत छोड़ो आंदोलन की 78 वी वर्षगांठ मना रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नारे “करो या मरो” को नए आयाम देने की बात कही। बिना मोदी सरकार का जिक्र किए राहुल गांधी ने कहा अन्याय के खिलाफ लड़ो।

राहुल गांधी ने वह ऐतिहासिक तस्वीर भी ट्वीट कि जब विशाल जनसभा के सामने महात्मा गांधी ने “करो या मरो” का नारा दिया थाराहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा गाने जी के “करो या मरो” नारे को नए मायने देने

अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए महात्मा गांधी ने कई अहिंसा वादी आंदोलनों का नेतृत्त्व किया। 8 अगस्त 1942 को उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की। आज 78 वीं वर्षगांठ पर कई राजनेताओं ने अपने-अपने तरीके से इस ऐतिहासिक दिन को याद किया। सचिन पायलट ने कहा राष्ट्रपिता की अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान कर स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा प्रदान की थी।  उन्होंने यह भी कहा कि मैं स्वतंत्रता के लिए लड़ाई में शामिल हुए स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम करता हूं।

दूसरे विश्व युद्ध में भारत की मदद लेने के बाद अंग्रेजों ने यह वादा किया कि वह देश को आजाद कर देंगे, लेकिन उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया। इसलिए 8 अगस्त को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुंबई अधिवेशन में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया गया। अंग्रेजों ने इसके ख़िलाफ़ कड़े निर्देश दिए, और गांधीजी समेत लगभग सभी स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन 9 अगस्त 1942 को अरुणा आसफ अली ने मुंबई के ग्वालियर टैंक मैदान में अगस्त क्रांति की शुरुआत की। 

भारत छोड़ो आंदोलन एक ऐसा आंदोलन था जिसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को पूरी तरह समाप्त करना था। ऐसा माना जाता है कि यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों का सबसे बड़ा और आखिरी आंदोलन था। इसमें सभी भारत वासियों ने बड़े स्तर पर हिस्सा लिया था। भारत छोड़ो आंदोलन को अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है।

यह सही मायनों में एक जन आंदोलन था जिसमें लाखों आम हिंदुस्तानी और बड़ी संख्या में युवा वर्ग शामिल हुआ था।

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