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श्री अहमद पटेल जी के असामयिक निधन पर श्रीमती सोनिया गांधी जी की श्रद्धांजलि

शोक सभा का संचालन प्रदेश कंाग्रेस के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने किया।

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी के राजनैतिक सलाहकर एवं राज्यसभा सदस्य श्री अहमद पटेल जी के आज आकस्मिक असामयिक निधन की सूचना मिलने पर उ0प्र0 कांग्रेस मुख्यालय में शोक की लहर दौड़ गयी। मुख्यालय स्थित तिरंगा झण्डा शोक में झुका दिया गया।
श्री अहमद पटेल के निधन पर पार्टी कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपने महान नेता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री प्रमोद तिवारी जी ने श्री अहमद पटेल जी के निधन को पार्टी की अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि निकट भविष्य में कांग्रेस में हुई रिक्ति की पूर्ति संभव नहीं प्रतीत होती। वह अकेले नेता थे जिसका पूरे देश के लोगों से संवाद था। कांग्रेस पार्टी तथा सरकार चलाने में विपक्ष सहित राजनीतिक दलों और व्यक्तियों से सहयोग लेने में उनमें अकूत क्षमता थी। किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्राण प्रण से लगकर उसे हल करते थे। वह बहुत ही लोकप्रिय नेता थे। राज्यसभा सदस्य के रूप में हमें उनके साथ बैठने और काम करने तथा किस विषय पर कितनी आक्रमकता और कितना सामन्जस्य की जरूरत है यह उनसे सीखने को मिला। आज उनका यूं चला जाना पार्टी के लिए बहुत ही नुकसान और पीड़ादायक है जबकि हम लोग सबसे जटिल और मुश्किल दौर से निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने सभी वक्ताओं को सुनने के बाद कहा कि श्री अहमद पटेल जी का निधन समूची पार्टी और हम सबके लिए अपूर्णीय क्षति है। हमें गुजरात वि0स0 चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य के रूप में उनसे मिलने का अवसर मिला तथा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मुलाकात का अवसर मिला। दोनों बार उनसे एक ही सीख मिली कि पार्टी में हर कार्यकर्ता का अपना महत्व होता है सबको साथ लेकर चलना और लोगों का उत्साह बढ़ाना खासकर उसका जिसे हम कोई पदाधिकारी न बना पाये हों, टिकट न दे पाये हों, उससे मिलना, बात करना और यह महसूस कराना कि यह पार्टी आपकी ताकत और क्षमता से मजबूत होगी, हमने महसूस किया कि आज एक महत्वपूर्ण स्तम्भ ढह गया है। हम लोग बहुत पीड़ित और व्यथित महसूस कर रहे हैं। उनके जाने से राजनीति में जो शून्य उभरा है उसे कभी भरा नहीं जा सकता।

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