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डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय मेें चल रहे तीन

डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय मेें चल रहे तीन

डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय मेें चल रहे तीन

डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय मेें चल रहे तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय

सम्मेलन का आज दूसरा दिवस सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। दृष्टिबाधित व्यक्तियों की शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए अनुसंधान एवं नवोन्मेषित अभ्यास की आवश्यकता” विषय पर आधारित इस आयोजन में आज कुल 21 व्याख्यान एक प्लेनरी सेशन एवं पैनल डिस्कशन का दौर चला पहला सत्र प्रातः 10 बजे प्रारम्भ हुआ, जिसका विषय नवोन्मेषी विधि और एवं अनुसंधान के लिए विभिन्न योजनायें नीतियां थी। कार्यक्रम के संचालक श्री बृजेश कुमार राय ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत एवं अभिवादन किया।
इस सत्र का मुख्य आकर्षण मिस0 पेंज क्लोट्जमेन (परकिंन्स इन्टरनेशनल, यू0एस0ए0) का व्याख्यान रहा, जिसमें उन्होनें भारत में एकाधिक दिव्यांगता वाले बच्चो की पहचान और हस्तक्षेप परियोजना का विस्तृत उल्लेख किया एवं परकिंस प्रोजेक्ट के बारे में भी बताया। उन्होंने इस तरह की परियोजनाओं की आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताया। इसके अतिरिक्त उन्होनें कल के मुख्य वक्ता डाॅ0 मनी के प्रस्तुती की भी चर्चा की और उनके द्वारा बताये गये जागरूकता के आभाव का समर्थन किया। इस दौरान अपने प्रोजेक्ट आ0डी0आई0 एवं उसके प्रस्ताव की भी चर्चा की। दृष्टिबाधितों एवं एकाधिक दिव्यांगों के आंकलन के लिए टूल की उपलब्धता की बात कही जो की हिन्दी भाषा में उनकी पर उपलब्ध है। उन्होनें दूरगामी परिणामों की भी चर्चा की। आज के आयोजन में डाॅ0 सीताराम पाल (डी0एस0एम0 एन0आर0यू0) ने मूक दृष्टिबाधित छात्रों के गुणात्मक शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए सहयोगी हस्तक्षेप अभ्यास विषय पर, डाॅ भूषण पुनानी, कार्यपालक निदेशक दृष्टिबाधित संघ, अहमदाबाद ने दृष्टिबाधितों के लिए कानून एवं समावेष विषय पर चर्चा की।
डाॅ0 हेम लता निदेशक (एन0सी0डी0एस0,आ0 जी0 ने ओ यू0 न्यू दिल्ली), डाॅ0 विनोद कुमार कैन, (एन0आई0पी0भी0डी0, देहरादूर), डाॅ0 प्रियंका श्रीवास्तव (बि0एच0यू0 वारानसी) डाॅ तोसीफ आलम (जा मिलिया इसलामियां, दिल्ली), श्री शिवशंकर कपूर (दृष्टिबाधित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जबलपुर) श्री मानवेन्द्र सिंह पलवल, पूर्व कप्तान दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम, डाॅ0 एच0पी0 तिवारी (सचिव, भारती विकलांग विकास मंच, जे0बी0पी0) सहित अन्य वक्ताओं ने भी महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किये। अन्य सत्रों में दृष्टिबाधितों के पुनर्वास, विषेश शिक्षा संकाय में विशिष्ट शोध, बीसवीं सदी में ओ एण्ड0एम0 एवं ब्रेल की भूमिका, दृष्टिबाधित दिव्यांगता एवं दिव्यांगता के लिए शैक्षिक अनुकूलन इत्यादि पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में दृष्टिबाधितों के लिए व्यवसायी मार्ग के सृजन पर पैनल विचार-विमर्श किया गया, जिसमं प्रो0 एस0आर0 मित्तल, (एन0आई0ई0पी0भी0डी0 देहरादून), श्री अजीत कुमार , (आई0ए0एस0, निर्देशक दिर्पाटमेंट आॅफ इमपावरमेंट आॅफ परसन विद उ0प्र0), श्री राजेश कुमार सिंह (आई0ए0एस0, विशेष सचिव तकनीक एवं उच्चतर शिक्षा, झारखंड सरकार) डाॅ0 भूषण पूनानी, डाॅ0 जे0पी0 सिंह (पूर्व सदस्य सचिव आर0सी0आई0 नई दिल्ली, एवं डाॅ0 एस0 के0 श्रीवास्तव, (कमीशनर आॅफॅ पी0डब्लू0 डी, लखनऊ) इस आयोजन में सम्मिलित लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला

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