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The last Monday of the month of Sawan,

श्रावण मास का आज अंतिम सोमवार है, इस दिन शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत भी है, जिससे इस दिन बेहद ही सुंदर योग बना है। श्रावण माह में सोम प्रदोष का होना भगवान शिव की प्रसन्नता का प्रतीक है। सोम प्रदोष में शिव आराधना करने से निर्धन को धन, नि:सन्तान को सन्तान की प्राप्ति होती है।

श्रावण मास का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्ष का प्रदोष व्रत सोमवार को ही पड़ा। इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवार पड़े थे, जिसमें दूसरे सोमवार को सोम प्रदोष, तीसरे सोमवार को नाग पंचमी और अंतिम सोमवार को सोम प्रदोष पड़ा है।

महाकाल के चार रूपों के दर्शन

आज आखिरी सोमवार को महाकाल की नगर उज्जैन में भगवान महाकाल के चार रूपों के दर्शन होते हैं। राजाधिराज महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, गरुड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश तथा हाथी पर मनमहेश रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।

सोम प्रदोष और सोमवार व्रत का लाभ

सावन सोमवार का व्रत रहने संतान सुख, धन, निरोगी काया और मनोवांछित जीवन साथी प्राप्त होता है। इसके अलावा दाम्पत्य जीवन के दोष और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। वहीं, सोम प्रदोष व्रत से निर्धनता समाप्त होती है और संतान सुख का वरदान भगवान शिव से प्राप्त होता है।

भोलेनाथ की पूजा

शिव शंकर की मूर्ति या शिवलिंग को गंगा जल से धोकर साफ कर लें। भोलेनाथ का गंगाजल से या फिर साफ जल से जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान शंकर को श्वेत पुष्प, अक्षत्, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, गाय का दूध, धूप आदि अर्पित करें। फिर ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा का पाठ कर अंत में आरती करें।

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